रूस-यूक्रेन युद्ध: ढाई लाख जमा करवाए पर कसौली के संदीप को नहीं मिली फ्लाइट, ठंड से काला पड़ने लगा शरीर
संदीप के पिता कुलदीप सिंह ने बताया कि वह घरवालों को यह कहकर ढांढस बंधा रहे हैं कि बेटा कीव में नहीं है। कुलदीप ने बताया कि बेटे से रोज उनकी बात हो रही है। बेटा यूक्रेन के चेनवित्सी में मेडिकल की पढ़ाई के लिए गया था।
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हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के कसौली विधानसभा क्षेत्र की गढ़खल पंचायत के चाबल गांव के संदीप सिंह भी यूक्रेन में फंसे हुए हैं। पिता से बातचीत में संदीप ने कहा कि फ्लाइट के लिए तीन बार टिकट बुक करवा चुके हैं। 2.50 लाख रुपये भी जमा करवा दिए हैं लेकिन अभी तक फ्लाइट नहीं मिली। कभी बंकर तो कभी खुले में रातें बिताने को मजबूर हैं। ठंड इतनी है कि शरीर काला पड़ने लगा है। स्थानीय लोग भी अब दुर्व्यवहार पर उतर आए हैं। संदीप के पिता कुलदीप सिंह ने बताया कि वह घरवालों को यह कहकर ढांढस बंधा रहे हैं कि बेटा कीव में नहीं है।
कुलदीप ने बताया कि बेटे से रोज उनकी बात हो रही है। बेटा यूक्रेन के चेनवित्सी में मेडिकल की पढ़ाई के लिए गया था। सोमवार रात को ही वह रोमानिया बॉर्डर पर पहुंचा है। वहां पर उन्हें शेल्टर में ठहराया गया है। कुलदीप सिंह ने बताया कि पुलिस और प्रशासन की ओर से कई फोन आ रहे हैं मगर बेटा घर कब तक आएगा, इसका पता नहीं है। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि बच्चों को लाने के लिए ज्यादा फ्लाइट भेजें।