टाउनहाल के मालिकाना हक पर पार्षदों का हंगामा
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शिमला। टाउन हॉल के इस्तेमाल को लेकर शहरवासियों की राय लेने के लिए आयोजित बैठक में नगर निगम के पार्षदों ने जमकर बवाल किया। बैठक शुरू होते ही टाउनहॉल पर मालिकाना हक की मांग को लेकर पार्षद अपनी कुर्सियों से उठकर मंच के पास पहुंच गए।
नगर निगम की मेयर और पार्षदों के बीच आपसी टकराव भी बैठक के दौरान खुल कर सबके सामने आया। बैठक में उपस्थित लोग हंगामे से परेशान होकर हॉल से बाहर चले गए।
निगम पार्षदों ने सार्वजनिक तौर पर बैठक का बहिष्कार करने की नसीहत दे डाली। कसुम्पटी के पार्षद राकेश चौहान ने कहा कि टाउनहॉल को लेकर जो बात मेयर कुसुम सदरेट को बोलनी चाहिए वो पूर्व मेयर संजय चौहान कह रहे हैं।
पार्षदों ने पूर्व मेयर संजय चौहान को पूरा समर्थन दिया।
पार्षदों ने पूर्व मेयर संजय चौहान को पूरा समर्थन दिया। चौहान ने इस बैठक को असंवैधानिक करार देते हुए एमसी से टाउन हॉल छीनने की सोची समझी साजिश करार दिया था।
पार्षद किमी सूद ने कहा कि टाउन हाल में ऑडियो विजुअल कांफ्रेंस हाल बनाया जाना चाहिए। पार्षद आरती चौहान ने कहा कि मेयर नगर निगम का पक्ष मजबूत तरीके से नहीं रख पाई।
टाउनहॉल के लिए आंदोलन किया जाएगा। विवेक शर्मा ने कहा कि न्यायालय को इस मामले में नगर निगम को भी पार्टी बनाना चाहिए था। इंद्रजीत सिंह ने कहा कि टाउनहॉल हमेशा स्थानीय निकायों के अधीन होता है।
सिमी नंदा ने कहा कि टाउन हॉल पर नगर निगम का स्वामित्व रहना चाहिए। पर्यटन विभाग के निदेशक राकेश कंवर ने स्थिति स्पृष्ट करते हुए कहा कि पर्यटन विभाग न्यायालय के आदेशों पर यह बैठक कर रहा है। विभाग की मंशा नगर निगम के मालिकाना हक में छेड़छाड़ की नहीं है।
डिप्टी मेयर के आफिस में टायलेट ही नहीं : मेयर
मेयर कुसुम सदरेट ने कहा कि टाउन हाल पर्यटन विभाग को इसी शर्त पर दिया था कि काम पूरा होने के बाद इसे वापस नगर निगम को लौटा दिया जाएगा। कहा कि कार्यालय के लिए नगर निगम को टाउन हॉल की जरूरत है। डिप्टी मेयर के मौजूदा आफिस में तो टायलेट भी नहीं है।
मैडम आप बाहर चलो, यह हाउस नहीं
नगर निगम के पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। पार्षद उठकर हॉल से बाहर जाने लगे लेकिन मेयर, पार्षदों से अपनी सीटों पर बैठे रहने का आग्रह करती रहीं। पार्षदों ने यहां तक कह दिया कि मेयर मैडम ये हाउस नहीं है, आप भी उठ कर बाहर चलो।
मेयर, डिप्टी मेयर छीनते रहे माइक
बैठक के दौरान मेयर और डिप्टी मेयर को मंच पर स्थान तो दिया लेकिन माइक एक ही थी। बैठक के दौरान मेयर, डिप्टी मेयर अपनी बात कहने के लिए एक दूसरे से माइक छीनते रहे। बैठक में आए लोग यह व्यवहार देखकर हैरान थे।