भ्रष्टाचार और नोटबंदी पर सदन में हंगामा, विपक्ष ने स्पीकर की चेयर के पास की नारेबाजी
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हिमाचल विधानसभा शीत सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन में विपक्ष ने खूब हंगामा किया। वीरभद्र सिंह के आयकर मामले पर स्थगन प्रस्ताव को मंजूर कर चर्चा के लिए अड़ा विपक्ष सदन में काफी आक्रामक नजर आया। विपक्षी दल भाजपा ने नोटबंदी पर गैर सरकारी संकल्प के नोटिस से पहले सत्ता पक्ष की नोटबंदी पर चर्चा जानबूझकर रखने का आरोप लगाया।
ये चर्चा मंगलवार को ही रखी गई थी, जबकि गैर सरकारी सदस्य दिवस वीरवार को है। नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार समेत विपक्ष के विधायक दो बार वेल में गए और चेयर घेरकर नारेबाजी करते रहे। स्पीकर बृज बिहारी लाल बुटेल ने एक बार सदन की कार्यवाही 15
मिनट के लिए और दूसरी बार गतिरोध न टूटने पर अगले दिन के लिए स्थगित कर दी। हालांकि, 11.30 बजे प्रश्नकाल की घोषणा हुई, लेकिन कोई भी मौखिक जवाब नहीं दे पाए। सदन की कार्यवाही महज सवा घंटे तक ही चल पाई।
वीरभद्र सिंह के आयकर मामले में चर्चा पर अड़ी रहा विपक्ष
मंगलवार सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई। प्रश्नकाल की घोषणा से पहले ही विपक्षी दल भाजपा के मुख्य सचेतक सुरेश भारद्वाज ने कहा कि वे हिमाचल में भ्रष्टाचार पर चर्चा करना चाहते हैं। आयकर ट्रिब्यूनल से सीएम वीरभद्र सिंह के खिलाफ फैसला आया है। इससे प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचा है।
दूसरा स्थगन प्रस्ताव वीरभद्र पर जांच प्रभावित करने का था। इस पर स्पीकर बुटेल ने कहा कि यह मामला सबजुडिस है। इस पर चर्चा नहीं हो सकती है। इसे अर्द्धन्यायिक न मानते हुए विपक्ष ने इस पर आपत्ति की तो संसदीय कार्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी जोर देकर कहा कि इसकी आगे अपील की जा रही है।
ऐसे अर्द्धन्यायिक मामले पर सदन में चर्चा नहीं हो सकती है। स्पीकर ने विपक्ष की ओर से दिए गए नोटिस को खारिज कर दिया। इस पर विपक्ष के विधायकों रविंद्र सिंह रवि, रणधीर शर्मा, राजीव बिंदल आदि ने काफी तल्खी दिखाई। सत्ता पक्ष की ओर से कौल सिंह ठाकुर, राकेश कालिया, संजय रतन आदि पलटवार करते नजर आए।
भाजपा विधायकों ने वेल में की नारेबाजी, चेयर के पास पहुंचे
हाउस शुरू होने के 15 मिनट बाद ही सत्ता पक्ष की तल्खी और स्पीकर के नोटिस मंजूर नहीं कर पाने की सफाई पर विपक्ष के सदस्य फिर भड़क गए और वे वेल की ओर बढ़ गए। वे नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल की अगुवाई में चेयर के नजदीक जाकर नारेबाजी करने लगे। स्पीकर ने सदन को पंद्रह मिनट के लिए स्थगित भी किया, लेकिन सत्ता पक्ष और विपक्ष में गतिरोध बना रहा। विपक्ष के सदस्यों ने वीरभद्र मामले में फिर चर्चा का नोटिस खारिज करने का विरोध किया।
इसे तानाशाहीपूर्ण फैसला बताते हुए विपक्ष के सदस्यों ने दोबारा सदन में नारेबाजी की। उन्होंने स्पीकर की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उनसे निष्पक्षता से पेश आने को कहा। नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में विपक्षी विधायक दोबारा वेल की ओर बढ़ गए और नारेबाजी करने लगे। विपक्षी सदस्य चेयर के किनारे सीढ़ियों पर चढ़ गए। हंगामा थमता न देख स्पीकर बृज बिहारी लाल बुटेल ने सदन की कार्यवाही को बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी।
इस पूरे शोर-शराबे के बीच सीएम वीरभद्र सिंह सदन में मौजूद रहे, मगर उन्होंने कुछ नहीं कहा। सदन के भीतर नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल ने कहा कि एक ओर सत्ता पक्ष नोटबंदी पर चर्चा मांग रहा है, जबकि नोटबंदी का मामला भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। ऐसे में स्पीकर का चर्चा नहीं करने देने का फैसला भेदभावपूर्ण है।
विधानसभा के इतिहास में यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना: कौल
स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि विपक्ष के नेता और उनके विधायकों ने जो सदन में किया है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। ये अलोकतांत्रिक है। प्रदेश के विधानसभा के इतिहास में ये बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण घटना है कि विपक्षी विधायक स्पीकर के मंच पर चले गए। इसका मतलब है कि इनको लोकतंत्र में विश्वास नहीं है। एक बार जब विधानसभा अध्यक्ष निर्णय सुनाते हैं तो उसका विरोध नहीं किया जा सकता है।
ये हाउस की अवमानना का मामला भी बनता है। हमारे विधानसभा के नियमों में ये भी है कि जो मामला विधानसभा में सबजुडिस हो, उस पर बहस नहीं हो सकती। न ही उस पर सवाल पूछे जा सकते हैं। वीरभद्र सरकार ने प्रदेश में थोक के विकास कार्य किए हैं। कौल सिंह बोले कि नोटबंदी पर हमारी चर्चा का मुद्दा कुछ और था विपक्ष का कुछ और। अभी तीन दिन बाकी हैं।
गतिरोध तोड़ने के लिए बुटेल ने फिर बुलाई सर्वदलीय बैठक
शीत सत्र में गतिरोध तोड़ने के लिए विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल ने दोबारा सर्वदलीय बैठक बुलाई है। बैठक बुधवार सुबह साढे़ नौ बजे होगी। इसमें नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल, संसदीय कार्य मंत्री मुकेश अग्निहोत्री और अन्य तमाम प्रतिनिधि
सदस्यों को बुलाया गया है। सीएम वीरभद्र सिंह भी बैठक में शामिल हो सकते हैं। मंगलवार सुबह भी संसदीय कार्य मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल से भेंट की थी।
दोपहर को अचानक दिल्ली गए सीएम शाम को लौट आए
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह मंगलवार को अचानक दिल्ली रवाना हो गए। उनके दिल्ली जाने के कारण पहले से प्रस्तावित कैबिनेट बैठक को भी स्थगित कर दिया गया। सीएम के साथ परिवहन मंत्री जीएस बाली भी दिल्ली गए। विधानसभा के शीत सत्र के दूसरे दिन की बैठक मंगलवार को करीब पौने 12 बजे पहली बार स्थगित होने के बाद मुख्यमंत्री सदन में नहीं आए।
दोपहर को दिल्ली रवाना हुए सीएम देर शाम को ही धर्मशाला लौट आए। दिल्ली रवाना होने से पूर्व मुख्यमंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि वे कुछ कागजात पर दस्तखत करने दिल्ली जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि सीएम और परिवहन मंत्री ने
दिल्ली में कांग्रेस के बड़े नेताओं से धर्मशाला में होने वाले राहुल गांधी की रैली पर भी चर्चा की है। उधर, सीएम के दौरे के चलते टली कैबिनेट की बैठक के अब बुधवार को होने की संभावना है। सीएम नई दिल्ली से वायु मार्ग से चंडीगढ़ और वहां से सड़क मार्ग से देर शाम धर्मशाला लौट आए।