बिलासपुर में बसों में ओवरलोडिंग को लेकर पुलिस से उलझे लोग
ओवरलोडिंग करने वाले वाहन चालकों पर पुलिस लगातार शिकंजा कसे हुए है। वहीं पुलिस को लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को पुलिस ने बामटा चौक पर ओवरलोडिंग करने वालों की धरपकड़ के लिए नाका लगा रखा था।
इसी कड़ी में पुलिस ने निजी और सरकारी करीब आधा दर्जन बसों के चालान काटे। वहीं पुलिस को कार्रवाई के दौरान लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। सोमवार सुबह कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बामटा चौक पर जब ओवरलोड एचआरटीसी की बस को रोका तो उस पर चालक और परिचालक भड़क गए।
मौके पर से ही ड्राइवर ने आरएम को भी पूरे मामले की जानकारी दी। वहीं लोगों ने इस संबंध में बस से उतर कर पुलिस वालों को ऐसा न करने को कहा।
लोगों का तर्क था कि बस लंबे रूट पर चल रही है।
चालान करने के बाद ओवरलोड ही जाने दिया बसों को
सभी लोग सरकारी कार्यालय और अस्पताल जाने वाले थे लेकिन पुलिस ने सरकारी आदेशों का हवाला देते हुए अपनी कार्रवाई पूरी की।हालांकि चालक ने पुलिस की बात आरएम से भी करवाई लेकिन पुलिस ने साफ कहा कि वह अपने चालकों को ओवरलोडिंग न करने के आदेश दें नहीं तो यह कार्रवाई हर रोज होगी। इसके बाद पुलिस ने चालक के हाथ में ओवरलोडिंग का चालान थमा दिया।
इधर, एसएसपी बिलासपुर अशोक कुमार ने बताया कि ओवरलोडिंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि ओवरलोडिंग करने वाले चालकों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। ओवरलोडिंग करने वालों पर पुलिस शिकंजा तो कसे हुए है लेकिन ओवरलोडिंग को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है।
ओवरलोडिंग के पुलिस चालान तो काट रही है लेकिन चालान काटना मात्र रस्मों को अदा करना नजर आ रहा है क्योंकि चालान काटने के बाद बसों को ओवरलोड ही जाने दिया गया। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या चालान काटना ओवरलोडिंग का समाधान है, क्यों नहीं अतिरिक्त लोगों को बस से उतार कर दूसरी बस को भेजा गया।