आरएसएस के स्वयंसेवक कोविड केयर सेंटरों में देंगे ड्यूटी, युकां ने मदद के लिए जारी किए हेल्पलाइन नंबर
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कोरोना के इस संकट काल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) भी लोगों की मदद के लिए आगे आया है। वहीं, प्रदेश युवा कांग्रेस कोरोना की दूसरी लहर में लोगों की मदद के लिए आगे आई है। संघ ने प्रदेश के हर जिले में स्वयंसेवकों की विशेष टीमें गठित की हैं, जो लोगों की हरसंभव मदद करेंगी। इन टीमों के साथ 135 डॉक्टर भी जुड़े हैं। यह जानकारी सोमवार को परिधिगृह बिलासपुर में पत्रकार वार्ता करते हुए आरएसएस के प्रांत कार्यवाह किस्मत कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि कोविड संकट के इस दौर में शासन व प्रशासन तो कार्य कर ही रहा है। लेकिन समाज का अंग होने के नाते आरएसएस भी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सेवा कार्य में जुटा है।
उन्होंने बताया कि सेवा कार्य के लिए प्रदेश को 26 भागों में बांटा गया है। हर भाग में 24 घंटे 3-3 कार्यकर्ता ड्यूूटी पर रहेंगे। इनके साथ अन्य टीमें जुड़ी रहेंगी। प्रदेश के सभी कोविड केयर सेंटरों पर आरएसएस का स्वयंसेवी दल मौजूद रहेगा। यह दल सेंटर इंचार्ज से समन्वय बनाते हुए सभी बाहरी आवश्यकताओं में मदद करेगा। वहीं वरिष्ठ नागरिकों के या पूरे परिवार के कोरोना पीड़ित हो जाने पर उनकी दैनिक आवश्यकताओं के सामान, दवाइयां इत्यादि भी उन तक पहुंचाएगा।
वहीं हर जिले में 5-10 डॉक्टरों की टोलियां भी बनाई गई हैं, जिनसे कोरोना मरीज फोन पर परामर्श ले सकते हैं। यदि आवश्यकता पड़े तो विकासनगर, शिमला के सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल को इंडोर कोविड केयर सेंटर बनाने के लिए भी विद्या भारती की सहमति है। वहीं कोरोना पीड़ित हो जाने पर किए जाने वाले पथ्य-परहेज की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया टीम गठित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का कोई भी व्यक्ति अधिक जानकारी के लिए या मदद के लिए सेवा भारती की अधिकृत वेबसाइट सेवाभारती डॉट ऑर्ग पर जानकारी ले सकता है। इस दौरान आरएसएस प्रचार टोली प्रमुख शांति स्वरूप भी उनके साथ थे।
कोरोना काल में मदद के लिए जारी किए हेल्पलाइन नंबर
वहीं, प्रदेश युवा कांग्रेस कोरोना की दूसरी लहर में लोगों की मदद के लिए आगे आई है। युकां के प्रदेश अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी न आम लोगों, जरूरतमंदों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। कहा कि जिस तरह से पिछले वर्ष कोरोना काल में आम जनता की सेवा की थी, उसी तरह से हिमाचल युवा कांग्रेस ने सहयोग के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिए हैं। इन नंबर पर संपर्क कर मदद पाई जा सकती है। यदुपति ठाकुर- 9153900001,अमित पठानिया -9418489610, होतम ठाकुर- 8219759183, सुरजीत सिंह भरमौरी- 9816495555, अखिल अग्निहोत्री- 9805060719 और रजनीश मेहता - 8648900010 के नंबर पर कॉल कर लोग मदद प्राप्त कर सकते हैं। भंडारी ने कहा कि जो भी कोविड रोगी किसी भी जिले में आइसोलेट हैं और वह किसी भी तरह की कोई मदद जैसे दवाई या अन्य कोई सामान मंगवाना चाहते हैं, तो वे किसी भी हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर सकते हैं। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि घर पर रहें, सुरिक्षत रहे और सरकार की ओर से जारी कोविड गाइडलाइन का पालन करें।
कांग्रेस ने शिमला में शुरू की गांधी हेल्पलाइन सेवा
कोरोना प्रभावित लोगों की मदद के लिए शिमला में कांग्रेस की गांधी हेल्पलाइन सेवा शुरू हो गई। सोमवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने राजीव भवन में हेल्पलाइन का विधिवत शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने गांधी हेल्पलाइन के संचालन से जुड़े पदाधिकारियों की बैठक की बैठक भी ली। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से निस्वार्थ सेवा, सद्भाव और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महामारी से उपजे संकट के इस दौर में कांग्रेस पार्टी लोगों के साथ खड़ी है। कोरोना से प्रभावित किसी भी व्यक्ति की हरसंभव मदद की जाए।
प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर ने बताया कि गांधी हेल्पलाइन 2805522 और 2660169 टोल फ्री नंबरों पर संचालित की जाएगी। कोई भी व्यक्ति इन नंबरों पर संपर्क कर कोरोना से संबंधित स्वास्थ्य परामर्श या आपात सहायता ले सकता है। उन्होंने कहा कि शिमला में स्थापित गांधी हेल्पलाइन शिमला और मंडी संसदीय क्षेत्रों में कोरोना प्रभावित लोगों की सेवा के लिए कार्य करेगी। कांगड़ा में स्थापित गांधी हेल्पलाइन डेस्क कांगड़ा और हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के कोरोना प्रभावित लोगों की सहायता करेगी। शिमला में नेरचौक मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ डा. दलीप सिंह धीमान और कांगड़ा में डा. राजेश शर्मा को हेल्पलाइन डेस्कों का प्रभारी बनाया है। दोनो अनुभवी चिकित्सक स्वास्थ्य से संबंधित सलाह के लिए उपलब्ध रहेंगे।
राठौर ने कहा कि कोरोना के इस महासंकट में भी भाजपा सरकार को प्रदेश में फतेहपुर व मंडी उप चुनाव की ज्यादा चिंता है। सरकार कोविड को लेकर अपने किसी भी फैसले पर स्थिर नहीं है। कोरोना के इस दूसरे दौर में सरकारी व्यवस्था अस्तव्यस्त होकर रह गई है। दिल्ली में बगैर ऑक्सीजन कोरोना के मरीजों की मौत बहुत ही दुखदाई है। इसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है। उन्होंने कहा कि लोगों का सरकार और प्रशासन पर से भरोसा उठ चुका है। देश के उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय को भी सरकार से इस बारे सवाल पूछने पड़ रहे हैं।