धर्मशाला: महिला दिवस के बहाने आरएसएस की चुनावी बिसात, विधानसभा क्षेत्रों में मचाई हलचल
महिला दिवस के बहाने आरएसएस ने चुनावी बिसात बिछाई। आरएसएस के इस कदम ने कई विधायकों की नींद उड़ गई है। आननफानन में विधायक आरएसएस के समानांतर कार्यक्रम कर रहे हैं ताकि चुनाव के वक्त कहीं उनकी टिकट का पत्ता साफ न हो जाए।
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10 मार्च को पंजाब में विधानसभा चुनाव परिणाम से पहले हिमाचल में सियासी हलचल तेज हो गई है। एक ओर जहां कांगड़ा से मजबूती पाकर फिर से धूमल गुट पूरे प्रदेश भर में सक्रिय होने को आमादा है वहीं दूसरी ओर भाजपा के साथ साथ आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ) ने भी चुनावी वर्ष में सियासी ताल ठोंक दी है। कार्यक्रमों के बहाने आरएसएस ने चुनावी बिसात बिछाना शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार चुनावी वर्ष में कार्यक्रमों के बहाने आरएसएस ने विधायकों से इतर विधानसभा में अपने उम्मीदवारों को प्रमोट करना शुरू कर दिया है।
मंगलवार को महिला दिवस के बहाने आरएसएस ने चुनावी बिसात बिछाई। आरएसएस के इस कदम ने कई विधायकों की नींद उड़ गई है। आननफानन में विधायक आरएसएस के समानांतर कार्यक्रम कर रहे हैं ताकि चुनाव के वक्त कहीं उनकी टिकट का पत्ता साफ न हो जाए। धर्मशाला में आरएसएस की सियासी बानगी ने मंगलवार को प्रदेश भर में अंदरखाते हलचल मचा रखी। मंगलवार को धर्मशाला में आरएसएस की संस्था विष्णुगिरी स्मारक समिति ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम की रूपरेखा आरएसएस ने दो माह पहले बनाई थी। आरएसएस के कार्यक्रम में विधायक विशाल नैहरिया के अलावा संघ और धर्मशाला भाजपा के अधिकतर सभी पदाधिकारी शामिल हुए।
संघ के कार्यक्रम की भनक लगने पर विधायक विशाल ने करीब पांच दिन पहले ही तीन किलोमीटर दूर महिला दिवस पर महिला मोर्चा धर्मशाला का समानांतर कार्यक्रम का आयोजन कर दिया। सभी पंचायत प्रधानों को फोन कर कार्यक्रम में बुलाया गया। विधायक और महिला मोर्चा धर्मशाला की अध्यक्ष आरएसएस के कार्यक्रम में नहीं गए। सूत्रों के अुनसार विधायक के समानांतर कार्यक्रम की वजह से आरएसएस के पदाधिकारियों ने अंदरखाते नाराजगी व्यक्त की है। धर्मशाला में हुए आरएसएस के इस कार्यक्रम ने हिमाचल के अन्य विधानसभा क्षेत्रों में मौजूदा विधायकों की नींद उड़ा दी है।
धर्मशाला में हुए आरएसएस के कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी को बतौर मुख्यातिथि बुलाया। विधायक विशाल ने भी अपने कार्यक्रम में इंदु गोस्वामी को ही मुख्यातिथि बुलाया। इंदु ने सधी हुई राजनीति का परिचय देते हुए दोनो ही कार्यक्रमो में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। आरएसएस के कार्यक्रम और इंदु की धर्मशाला में मौजूदगी ने भी कई सियासी समीकरणों को जन्म दिया है। आने वाले समय में अब देखना दिलचस्प होगा कि आरएसएस की इस सियासी बिसात चुनावी वर्ष में क्या समीकरण पैदा करती है। आरएसएस की संस्था विष्णुगिरी स्मारक समिति के कार्यक्रम के आयोजन के मुख्य स्रोत एवं भाजपा के संगठनात्मक जिला कांगड़ा के महामंत्री सचिन शर्मा ने कहा कि महिला शक्ति को सम्मान देने के लिए यह आयोजन किया गया।