हिमाचल सरकार ने एक साल में लिया इतना कर्ज, सीएम ने दी जानकारी
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यह जानकारी सीएम ने मंगलवार को नादौन के कांग्रेस विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू के सवाल के लिखित जवाब में दी। सुक्खू ने सवाल किया था कि प्रदेश सरकार ने 15 जनवरी 2019 तक विभिन्न एजेंसियों से कितना कर्ज लिया?
मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 में खुले बाजार से 3000 करोड़ रुपये का कर्ज उठाया गया और ऋण अदायगी 901.90 करोड़ रुपये की कर दी गई। इस तरह से खुले बाजार से केवल 2098.10 करोड़ रुपये ही कर्ज लिया गया।
नाबार्ड से 371.49 करोड़ रुपये कर्ज लिया
भारत सरकार से 51.60 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया, जबकि केंद्र को 67.97 करोड़ रुपये का ऋण चुकता कर दिया गया। इस तरह से शुद्ध ऋण -16.37 (माइनस 16.37) करोड़ रुपये प्राप्त किया गया।
अन्य ऋण कुछ भी नहीं लिए गए, जबकि 346.47 करोड़ रुपये के पुराने अन्य ऋण चुकता कर दिए गए। इस तरह से अन्य शुद्ध ऋण - 346.47 (माइनस 346.47) करोड़ रुपये ही लिए गए।
पद वार तय किए गए हैं साक्षात्कार के अंक
हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से पद भरने के लिए पदवार साक्षात्कार के अंक तय किए जाते हैं। विधायक रमेश धवाला के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने लिखित जवाब में बताया कि हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक एवं संबद्ध सेवाएं (राजपत्रित श्रेणी एक) और प्रदेश न्यायिक सेवाएं-सिविल जज (राजपत्रित श्रेणी एक) के लिए 150 अंकों का साक्षात्कार लेते हैं।
प्रदेश वन सेवा (सहायक अरण्यपाल) (राजपत्रित श्रेणी एक), वन परिक्षेत्र अधिकारी (राजपत्रित श्रेणी दो) के लिए 100 अंकों, बाल विकास परियोजना अधिकारी (राजपत्रित श्रेणी एक), नायब तहसीलदार/तहसील कल्याण अधिकारी (राजपत्रित/अराजपत्रित श्रेणी दो) के लिए 40 अंक और अन्य पद (राजपत्रित/अराजपत्रित श्रेणी दो) के लिए 100 का साक्षात्कार लिया जाता है
। मुख्यमंत्री ने बताया कि लोकसेवा आयोग की ओर से श्रेणी एक (राजपत्रित), श्रेणी दो (राजपत्रित व अराजपत्रित) तथा श्रेणी तीन के चिह्नित पदों की सीधी भर्ती की जाती है। श्रेणी तीन के पदों की चयन प्रक्रिया में साक्षात्कार का कोई प्रावधान नहीं है।
विश्व बैंक के सहयोग से होगा 127 किलोमीटर सड़कों में सुधार
हिमाचल प्रदेश राज्य सड़क परिवर्तन परियोजना में 650 किलोमीटर सड़कों का सुधार व उन्नयन तीन ट्रंचों में करने और 1650 किलोमीटर सड़कों का आवधिक रखरखाव कार्य 38 सौ करोड़ रुपये में किया जाना है।
पहले ट्रांच में 127.95 किलोमीटर सड़क के उन्नयन के लिए विश्व बैंक ने 110 मिलियन डालर का अनुमोदन व सैद्घांतिक मंजूरी दे दी है। यह जानकारी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू के सवाल के जवाब में दी है।
सरकार ने बताया कि इस राशि से प्रदेश की पांच सड़कों बरोटीवाला बद्दी रामशहर सड़क, दधोल लदरौर, रघुनाथपुरा मंडी हरपुरा भराड़ी, मंडी रिवालसर कलखर और नोरे वजीर बावली सड़क का उन्नयन किया जाएगा।
हालांकि डिजाइन सलाहकार द्वारा डीपीआर तैयार करने के बाद ही सड़कों पर होने वाले खर्च का ब्यौरा तय होगा। फिलहाल डिजाइन सलाहकार की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है जो फरवरी महीने तक पूरी हो जाएगी।
इससे पहले सरकार ने यह भी बताया कि विश्व बैंक के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश राज्य सड़क परियोजना फेज एक के तहत 2298 करोड़ की दस परियोजनाएं स्वीकृत हुई थी जिनमें 9 का काम पूरा हो चुका है।
एक परियोजना ठियोग-कोटखाई-खड़ा पत्थर-हाटकोटी-रोहड़ू सड़क का काम 92 फीसदी पूरा हो चुका है। चूंकि 25 सितंबर 2018 को कार्य का अनुबंध समझौता रद्द किया गया है, इसलिए अब केंद्र सरकार के निर्देशानुसार बकाया कार्य को हिमाचल सरकार पूरा करेगी।