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रोहतांग दर्रे पर टैक्सियों के जाने पर पाबंदी बरकरार

Sat, 23 May 2015 11:10 AM IST
Updated Sat, 23 May 2015 11:10 AM IST
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Rohtang Pass SC seeks report from himachal govt by 26 may.

रोहतांग दर्रे पर 1000 वाहनों की एंट्री और उन पर भारी उपकर लगाने के नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिका हिम-आंचल टैक्सी ऑपरेटर यूनियन ने दाखिल की है। मनाली के सैकड़ों टैक्सी ड्राइवर इसे लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।

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न्यायमूर्ति एके सिकरी और न्यायमूर्ति यूयू ललित की अवकाशकालीन पीठ ने हिमाचल सरकार के संबंधित विभाग को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। पीठ ने इस संबंध में फिलहाल कोई अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार किया है। पीठ ने कहा कि दूसरे पक्ष का जवाब आए बगैर ऐसा नहीं किया जा सकता। अगली सुनवाई 26 मई को होगी।
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याचिका में कहा गया है कि एनजीटी के आदेश के तहत 14 अगस्त तक रोजाना महज 1000 टैक्सियों को ही मनाली से रोहतांग जाने की अनुमति दी जाएगी। इनमें से 600 पेट्रोल वाहन और 400 डीजल वाहन होंगे। पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर रोहतांग दर्रे पर वाहनों को जाने की अनुमति दी जाएगी। इतना ही नहीं डीजल वाहनों से 2500 रुपये और पेट्रोल वाहनों से 1000 रुपये पर्यावरण उपकर भी लिया जा रहा है।
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अंतरिम आदेश पारित करने से कोर्ट का इनकार

Rohtang Pass SC seeks report from himachal govt by 26 may.

टैक्सी यूनियन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील विभा दत्त मखीजा ने कहा कि एनजीटी का आदेश न केवल टैक्सी ऑपरेटरों बल्कि मिडिल क्लास टूरिस्ट के भी आड़े आ रहा है। उन्होंने कहा कि एनजीटी का आदेश पीक सीजन में आया है, जो लोग विदेश भ्रमण का सामर्थ्य नहीं रखते हैं, एनजीटी का आदेश सबसे अधिक उन्हें प्रभावित कर रहा है।

एनजीटी के आदेश के तहत रोहतांग दर्रे पर प्रवेश से पहले सभी वाहनों की प्रदूषण जांच अनिवार्य कर दी गई है। चेक पोस्ट पर वाहनों को प्रदूषण मानक (बीएस-4) का सर्टिफिकेट लेना होता है लेकिन राज्य में पेट्रोल पंप में इस तरह का ईंधन उपलब्ध नहीं है। मालूम हो कि एनजीटी ने अपने आदेश में कहा है कि वाहनों से लिए जाने उपकर को अलग खाते में जमा किया जाएगा। इस रकम को पर्यावरण संबंधी कामों पर खर्च किया जाएगा। इतना ही नहीं अगर किसी वाहन में छह से अधिक पैसेंजर हो तो उसे पांच हजार रुपये पर्यावरण मुआवजा देना होगा।

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