{"_id":"69ef72a30880c215920610df","slug":"robotic-surgery-is-yet-to-begin-at-igmc-shimla-news-c-19-sml1002-712317-2026-04-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: आईजीएमसी में अभी तक\nरोबोटिक सर्जरी शुरू नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: आईजीएमसी में अभी तक रोबोटिक सर्जरी शुरू नहीं
विज्ञापन
केएनएच से 16 अप्रैल को शिफ्ट की थी ओपीडी
सीएम ने रोबोटिक सर्जरी शुरू करने किया था वादा
आदित्य सोफत
शिमला। कमला नेहरू अस्पताल से रोबोटिक सर्जरी की सुविधा के नाम पर आईजीएमसी शिफ्ट किए गायनी विभाग में अभी तक एक भी ऑपरेशन रोबोटिक तकनीक से नहीं हुआ है। हैरत तो यह है कि गायनी से संबंधित रोबोटिक ऑपरेशन के लिए ट्रेनिंग भी स्टाफ को अब देनी शुरू की है। बताया जा रहा है कि मई में स्टाफ की ट्रेनिंग पूरी होनी है। इसके बाद ही रोबोटिक सर्जरी की सुविधा महिला मरीजों मिलेगी।
हालांकि सरकार की ओर से बड़े दावे ओपीडी को शिफ्ट करने के दौरान किए थे लेकिन धरातल में हकीकत कुछ ओर ही है। रोबोटिक ऑपरेशन तो दूर लेप्रोस्कोपी ऑपरेशन भी शनिवार से शुरू किए हैं। अभी तक केवल सामान्य ऑपरेशन की सुविधा ही अस्पताल में मिल रही थी। 16 अप्रैल को केएनएच से आईजीएमसी में पूरे गायनी विभाग को शिफ्ट कर दिया है।
यहीं नहीं मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गायनी संबंधित महिला मरीजों को रोबोटिक सर्जरी की सुविधा देने के लिए वार्ड को शिफ्ट करने का दावा किया था लेकिन अभी तक आईजीएमसी में रोबोटिक सर्जरी को शुरू ही नहीं किया है। वहीं दूसरी ओर महिलाओं को असमंजस का सामना करना पड़ रहा है। केवल एक सुविधा देने के लिए गायनी विभाग को शिफ्ट करने के बाद व्यवस्थाएं ही पूरी नहीं हो पा रही हैं। इससे बड़ा प्रश्न चिह्न स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर लगा है।
विज्ञापन
अखिल भारतीय जनवादी महिला जनवादी समिति की महासचिव फालमा चौहान ने कहा कि सरकार की ओर से जिस मकसद से गायनी ओपीडी को शिफ्ट किया था वह अभी तक पूरा नहीं हो सका है। रोबोटिक ऑपरेशन अस्पताल में शुरू नहीं हुए हैं। मुख्यमंत्री ने केवल महिलाओं को परेशानी में डालने का कार्य किया है। अब महिलाएं असमंजस में है। सरकार को फिर एक बार सोच विचार करना चाहिए।
योजनाओं का लाभ मिलने पर असमंजस
गायनी से संबंधित रोबोटिक ऑपरेशन में हिमकेयर और आयुष्मान कार्ड का लाभ मिलेगा या नहीं इस पर भी असमंजस बना हुआ है। रोबोटिक ऑपरेशन काफी महंगा होता है। ऐसे में महिलाओं सुविधाओं के नाम पर ठगा सा महसूस कर रही है। आईजीएमसी में जब से केएचएच से ओपीडी और वार्ड को आईजीएमसी शिफ्ट किया है तब से लेकर अब तक 14 बड़े ऑपरेशन हुए हैं। हाल ही में लेप्रोस्कोपी ऑपरेशन शुरू हुए हैं। आईजीएमसी में 18 अप्रैल से ऑपरेशन शुरू किए थे। पहले माइनर ऑपरेशन की सुविधा दी गई और अब बड़े ऑपरेशन शुरू किए गए।
कोट
अस्पताल में गायनी से संबंधित रोबोटिक सर्जरी को जल्द शुरू कर दिया जाएगा। ट्रेनिंग से संबंधित कार्य चला हुआ है। आगामी दिनों में ट्रेनिंग पूरी हो जाएगी। इसके बाद गायनी से संबंधित ऑपरेशन शुरू होंगे।
-डॉ. सीता ठाकुर प्रिंसिपल, आईजीएमसी
विज्ञापन
सीएम ने रोबोटिक सर्जरी शुरू करने किया था वादा
आदित्य सोफत
शिमला। कमला नेहरू अस्पताल से रोबोटिक सर्जरी की सुविधा के नाम पर आईजीएमसी शिफ्ट किए गायनी विभाग में अभी तक एक भी ऑपरेशन रोबोटिक तकनीक से नहीं हुआ है। हैरत तो यह है कि गायनी से संबंधित रोबोटिक ऑपरेशन के लिए ट्रेनिंग भी स्टाफ को अब देनी शुरू की है। बताया जा रहा है कि मई में स्टाफ की ट्रेनिंग पूरी होनी है। इसके बाद ही रोबोटिक सर्जरी की सुविधा महिला मरीजों मिलेगी।
हालांकि सरकार की ओर से बड़े दावे ओपीडी को शिफ्ट करने के दौरान किए थे लेकिन धरातल में हकीकत कुछ ओर ही है। रोबोटिक ऑपरेशन तो दूर लेप्रोस्कोपी ऑपरेशन भी शनिवार से शुरू किए हैं। अभी तक केवल सामान्य ऑपरेशन की सुविधा ही अस्पताल में मिल रही थी। 16 अप्रैल को केएनएच से आईजीएमसी में पूरे गायनी विभाग को शिफ्ट कर दिया है।
विज्ञापन
यहीं नहीं मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गायनी संबंधित महिला मरीजों को रोबोटिक सर्जरी की सुविधा देने के लिए वार्ड को शिफ्ट करने का दावा किया था लेकिन अभी तक आईजीएमसी में रोबोटिक सर्जरी को शुरू ही नहीं किया है। वहीं दूसरी ओर महिलाओं को असमंजस का सामना करना पड़ रहा है। केवल एक सुविधा देने के लिए गायनी विभाग को शिफ्ट करने के बाद व्यवस्थाएं ही पूरी नहीं हो पा रही हैं। इससे बड़ा प्रश्न चिह्न स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर लगा है।
विज्ञापन
अखिल भारतीय जनवादी महिला जनवादी समिति की महासचिव फालमा चौहान ने कहा कि सरकार की ओर से जिस मकसद से गायनी ओपीडी को शिफ्ट किया था वह अभी तक पूरा नहीं हो सका है। रोबोटिक ऑपरेशन अस्पताल में शुरू नहीं हुए हैं। मुख्यमंत्री ने केवल महिलाओं को परेशानी में डालने का कार्य किया है। अब महिलाएं असमंजस में है। सरकार को फिर एक बार सोच विचार करना चाहिए।
योजनाओं का लाभ मिलने पर असमंजस
गायनी से संबंधित रोबोटिक ऑपरेशन में हिमकेयर और आयुष्मान कार्ड का लाभ मिलेगा या नहीं इस पर भी असमंजस बना हुआ है। रोबोटिक ऑपरेशन काफी महंगा होता है। ऐसे में महिलाओं सुविधाओं के नाम पर ठगा सा महसूस कर रही है। आईजीएमसी में जब से केएचएच से ओपीडी और वार्ड को आईजीएमसी शिफ्ट किया है तब से लेकर अब तक 14 बड़े ऑपरेशन हुए हैं। हाल ही में लेप्रोस्कोपी ऑपरेशन शुरू हुए हैं। आईजीएमसी में 18 अप्रैल से ऑपरेशन शुरू किए थे। पहले माइनर ऑपरेशन की सुविधा दी गई और अब बड़े ऑपरेशन शुरू किए गए।
कोट
अस्पताल में गायनी से संबंधित रोबोटिक सर्जरी को जल्द शुरू कर दिया जाएगा। ट्रेनिंग से संबंधित कार्य चला हुआ है। आगामी दिनों में ट्रेनिंग पूरी हो जाएगी। इसके बाद गायनी से संबंधित ऑपरेशन शुरू होंगे।
-डॉ. सीता ठाकुर प्रिंसिपल, आईजीएमसी