अर्की लूट: पुलिस जांच में हुआ बड़ा खुलासा
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अर्की लूट के मामले में इस्तेमाल एक गाड़ी सोलन की निकली है। पुलिस पूछताछ में पंजाब से प्रॉपर्टी खरीदने पहुंचे खरीदारों ने इसका खुलासा किया है। लूट की शिकायत के मामले में पुलिस ने किडनैपिंग और मारपीट का मुकदमा दर्ज किया है। प्रभावितों के अलग-अलग ब्यान होने से पुलिस ने लूट की धारा नहीं लगाई।
पुलिस का दावा है कि प्रॉपर्टी डीलर खुद नहीं जानता कि किस 75 बीघा जमीन की खरीद फरोख्त होनी है। उसकी भूमिका पर संदेह है। सौदा करवाने वाला मूल रूप से सहारनपुर का है। शिमला में रहकर वह कमीशन पर गाड़ियों और प्रॉपर्टी सेल और परचेज का काम करता है। पुलिस ने घटना में शामिल शातिरों की धरपकड़ शुरू कर दी है। सभी सोलन के बताए जा रहे हैं।
10 लाख पड़े शॉर्ट, मंगवाए शिमला से
शिमला के बालूगंज थाना में शिकायत के बाद मौसम अली के भतीजे पंकज रविवार को अर्की थाने में शिकायत करने पहुंचे। शिकायत में कहा कि एक बैग वह शिमला स्थित चाचा के घर से लाए थे। 75 बीघा जमीन खरीदने के सौदे के चलते बैग चाचा को कुनिहार में दिया। तभी दो गाड़ियां आईं और मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद बैग छीने और गाड़ियों में भरकर तीन खरीदारों को धर्मपुर छोड़ दिया। उनके चाचा को शिमला के नजदीक फेंक दिया।
प्रॉपर्टी खरीदने के लिए सुखपाल, राजेंद्र निवासी पंजाब से धर्मपुर बुलाए गए। यहां खरीद-फरोख्त की बात चली। सौदा करीब 25 लाख का बना। 15 लाख खरीदारों के पास थे। कम पड़े दस लाख को डीलर ने अपने घर से मंगवाया। इसे लूट लिया गया है। एक अन्य शख्स संदीप भी उनके साथ था।
एसपी डा. रमेश छाज्टा ने बताया कि 363 और 341 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। हमलावरों की पहचान हो चुकी है। सभी सोलन के हैं। लूट की रकम पर अलग-अलग बयान होने से लूट का मुकदमा दर्ज नहीं हो सका। गिरफ्तारियों के बाद मामले का खुलासा होगा। प्रॉपर्टी डीलर की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।