Roads Himachal: चीन सीमा से सटे 15 गांवों की सड़कें होंगी पक्की और चौड़ी
लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ अजय गुप्ता ने बताया कि इन सड़कों को पक्का और चौड़ा करने से हजारों लोगों और सेना के जवानों को फायदा होगा। प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि सीमा के साथ लगते सभी गांवों की सड़कें सुविधाजनक हों।
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हिमाचल प्रदेश में चीन सीमा से सटे 15 गांवों के लिए लोक निर्माण विभाग तीन सड़कों को पक्का और चौड़ा करेगा। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बनीं ये सड़कें स्पीति ब्लॉक की हैं। इन सड़कों को दुरुस्त करने के लिए केंद्र सरकार ने 4,800 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि स्वीकृत की है। ये सड़कें पांच मीटर चौड़ी होंगी। तीखे मोड़ों पर इनकी चौड़ाई सात मीटर तक की जाएगी। इन सड़कों की मरम्मत के लिए सितंबर में टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। चीन सीमा से 15 से 20 किलोमीटर पीछे इन गांवों की सड़कों की मरम्मत करीब 12 साल बाद हो रही है।
सिचलिंग माने योग्मा सड़क पर 632.46 करोड़, अटारगो-सगनम-मधुभावा सड़क पर 3340.24 करोड़ और लिगटी-रामे लालंगू सड़क पर 913.5 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इन सड़कों की लंबाई 10 से 14 किलोमीटर है। लोक निर्माण विभाग इन सड़कों को गांवों तक पक्का और चौड़ा करेगा। इसके आगे सीमा तक सड़क ले जाने का जिम्मा सड़क सीमा संगठन (बीआरओ) का होगा। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ अजय गुप्ता ने बताया कि इन सड़कों को पक्का और चौड़ा करने से हजारों लोगों और सेना के जवानों को फायदा होगा। प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि सीमा के साथ लगते सभी गांवों की सड़कें सुविधाजनक हों। उल्लेखनीय है कि लोक निर्माण विभाग फेज तीन के तहत इन सड़कों को दुरुस्त करेगा। इन सड़कों के बनने से चीन सीमा पर तैनात जवानों को भी फायदा होगा। सेना के जवान आसानी से अपनी पोस्टों तक अपनी सामग्री ले जा सकेंगे।