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Shimla News: आउटसोर्स कर्मचारियों को जल्द दें संशोधित दिहाड़ी
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महासंघ ने मुख्यमंत्री से किया आग्रह
खाद्य आपूर्ति विभाग के कर्मियों को नहीं मिला एरियर
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। प्रदेश सरकार ने दीपावली पर सरकारी कर्मचारियों को पांच प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) देने की घोषणा कर दी लेकिन खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग में कार्यरत 35 आउटसोर्स कर्मचारी अभी तक संशोधित दैनिक वेतन दरें लागू होने का इंतजार कर रहे हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि छह महीने बीतने के बावजूद उन्हें पुरानी दरों के आधार पर ही भुगतान किया जा रहा है। इससे महंगाई के दौर में उनके लिए परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष कमल चौहान ने सरकार से मांग की है कि एक अप्रैल से लागू संशोधित दैनिक वेतन दरों के अनुसार जल्द भुगतान किया जाए। साथ ही अप्रैल से सितंबर तक की बकाया राशि भी जारी की जाए। महासंघ का कहना है कि एक अप्रैल 2026 से संशोधित दैनिक वेतन दरें लागू होने के बावजूद विभाग में कार्यरत 35 आउटसोर्स कर्मचारियों को पुरानी दरों के आधार पर वेतन दिया जा रहा है। अप्रैल से सितंबर तक के वेतन अंतर का भुगतान भी नहीं किया है। महासंघ के अध्यक्ष कमल चौहान और महासचिव धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि इस मामले में विभाग के निदेशक और सचिव को पत्र लिखकर संशोधित दरें लागू करने और बकाया राशि जारी करने की मांग की है। अध्यक्ष कमल चौहान ने कहा कि जब सरकार ने नियमित कर्मचारियों को डीए देने की घोषणा की है, तो आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए। विभागों में काम कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों को भी राहत मिलनी चाहिए।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में कर्मचारी क्लर्क, डाटा एंट्री ऑपरेटर, अकाउंटेंट और कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं। महासंघ के अनुसार विभाग के कामकाज में इन कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
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खाद्य आपूर्ति विभाग के कर्मियों को नहीं मिला एरियर
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। प्रदेश सरकार ने दीपावली पर सरकारी कर्मचारियों को पांच प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) देने की घोषणा कर दी लेकिन खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग में कार्यरत 35 आउटसोर्स कर्मचारी अभी तक संशोधित दैनिक वेतन दरें लागू होने का इंतजार कर रहे हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि छह महीने बीतने के बावजूद उन्हें पुरानी दरों के आधार पर ही भुगतान किया जा रहा है। इससे महंगाई के दौर में उनके लिए परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। प्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष कमल चौहान ने सरकार से मांग की है कि एक अप्रैल से लागू संशोधित दैनिक वेतन दरों के अनुसार जल्द भुगतान किया जाए। साथ ही अप्रैल से सितंबर तक की बकाया राशि भी जारी की जाए। महासंघ का कहना है कि एक अप्रैल 2026 से संशोधित दैनिक वेतन दरें लागू होने के बावजूद विभाग में कार्यरत 35 आउटसोर्स कर्मचारियों को पुरानी दरों के आधार पर वेतन दिया जा रहा है। अप्रैल से सितंबर तक के वेतन अंतर का भुगतान भी नहीं किया है। महासंघ के अध्यक्ष कमल चौहान और महासचिव धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि इस मामले में विभाग के निदेशक और सचिव को पत्र लिखकर संशोधित दरें लागू करने और बकाया राशि जारी करने की मांग की है। अध्यक्ष कमल चौहान ने कहा कि जब सरकार ने नियमित कर्मचारियों को डीए देने की घोषणा की है, तो आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए। विभागों में काम कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों को भी राहत मिलनी चाहिए।
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खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में कर्मचारी क्लर्क, डाटा एंट्री ऑपरेटर, अकाउंटेंट और कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं। महासंघ के अनुसार विभाग के कामकाज में इन कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
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