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शिमला: कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के शिक्षकों ने भी मांगा संशोधित वेतनमान
Mon, 24 Jan 2022 06:37 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 24 Jan 2022 06:37 PM IST
सार
हिमाचल राजकीय महाविद्यालय शिक्षक संघ के महासचिव और संयुक्त कार्यान्वयन समिति के सचिव रामलाल शर्मा ने कहा कि 50 फीसदी बजट यूजीसी देता है। केवल 50 फीसदी ही राज्य सरकार बजट का खर्च उठाती है।
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शिक्षक(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में संशोधित वेतनमान को लागू करने में आर्थिक तंगहाली की वजह से मुश्किलों का सामना कर रही जयराम सरकार के सामने अब कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के शिक्षकों ने भी मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से विभिन्न संगठनों की हिमाचल यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने मुलाकात की। कमेटी ने उन्हें यूजीसी की ओर से 2018 में जारी नए पे स्केल को अन्य राज्यों तर्ज पर लागू करने की मांग की। कमेटी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में इसे अभी तक लागू नहीं किया गया है।
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कमेटी ने मांग उठाई कि राज्य सरकार पर इससे अधिक आर्थिक बोझ इसलिए नहीं पड़ेगा, क्योंकि 50 फीसदी खर्च यूजीसी की ओर से उठाया जाता है, प्रदेश को 50 फीसदी व्यय ही करना होता है। कमेटी के पदाधिकारियों ने सीएम को बताया कि प्रदेश में बाकी कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान देने की अधिसूचना जारी हो चुकी है, जबकि अभी तक उनके बारे में कोई कदम नहीं उठाया गया है। हिमाचल राजकीय महाविद्यालय शिक्षक संघ के महासचिव और संयुक्त कार्यान्वयन समिति के सचिव रामलाल शर्मा ने कहा कि 50 फीसदी बजट यूजीसी देता है। केवल 50 फीसदी ही राज्य सरकार बजट का खर्च उठाती है।
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