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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Revised pay scale: Approval of third option rules not found in cabinet, issue postponed for next meeting

संशोधित वेतनमान: कैबिनेट में नहीं मिली तीसरे विकल्प के नियमों को मंजूरी, अगली बैठक के लिए टला मामला

Tue, 01 Feb 2022 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 01 Feb 2022 05:00 AM IST
सार

 मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कर्मचारियों की मांग पर इस तीसरे विकल्प की घोषणा हाल ही में पूर्ण राज्यत्व दिवस के अवसर पर की थी। चूंकि तीसरे विकल्प के ये नियम कैबिनेट की बैठक तक तैयार नहीं हो सके थे, इसलिए इन्हें आगे टाला गया है। 

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Revised pay scale: Approval of third option rules not found in cabinet, issue postponed for next meeting
वेतनमान(सांकेतिक)

विस्तार

हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान देने के तीसरे विकल्प के नियमों को मंजूरी नहीं मिल सकी है। बेसिक पे और महंगाई भत्ते में 15 फीसदी के बजाय एक अन्य विकल्प पर भी राज्य सरकार का वित्त विभाग मंत्रणा कर रहा है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कर्मचारियों की मांग पर इस तीसरे विकल्प की घोषणा हाल ही में पूर्ण राज्यत्व दिवस के अवसर पर की थी। चूंकि तीसरे विकल्प के ये नियम कैबिनेट की बैठक तक तैयार नहीं हो सके थे, इसलिए इन्हें आगे टाला गया है। 

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राज्य सरकार ने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए इससे पहले 2.25 और 2.59 के गुणांक को बेसिक वेतन में गुना कर इससे बढ़ोतरी के दो विकल्प सुझाए थे। मगर कर्मचारियों का एक बड़ा वर्ग पंजाब सरकार की तर्ज पर तीसरा विकल्प देने की लगातार मांग उठा रहा था। सूत्रों के अनुसार इन दोनों गुणांकों से लिपिकों समेत सरकारी कर्मचारियों के कई वर्गों में तो रिकवरी करने की नौबत आ गई थी। इसी वजह से प्रदेश के कई कर्मचारी संगठन हाय-तौबा मचाने जुट गए थे। वे पंजाब सरकार की तर्ज पर 15 फीसदी बढ़ोतरी का विकल्प देने की मांग कर रहे थे।
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इसी पर पूर्ण राज्यत्व दिवस के उपलक्ष्य पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यह घोषणा की थी कि कर्मचारियों को तीसरा विकल्प दिया जाएगा, मगर उन्होंने स्पष्ट रूप से 15 फीसदी बढ़ोतरी के विकल्प की घोषणा नहीं की थी। ऐसे में वित्त विभाग इस बारे में गंभीर मंथन कर रहा है। कर्मचारियों से विकल्प मांगे जाने की अवधि पहले ही बढ़ा दी गई है। ऐसे में आगामी दिनों में नियम तैयार किए जाएंगे तो इन्हें या तो अगली कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी जाएगी या फिर राज्य मंत्रिमंडल वाया सर्कुलेशन भी इसे मंजूरी दे सकता है। 

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