सबसे गर्म क्षेत्र में उगा दिया बर्फीले इलाकों का सेब, वैज्ञानिक तरीके से कर रहे बागवानी
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हिमाचल प्रदेश के सबसे गर्म जिले ऊना में सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य गुलजारी लाल नंदा ने बर्फीले इलाकों का सेब उगा दिया है। उनके उगाए सेब के पौधों में इस बार फल आ गए हैं।
उन्होंने रेड डिलिशियस रॉयल और गोल्डन सेब के 25 पौधे सफलतापूर्वक लगाकर बागवानों को नई राह दिखाई दी है। उन्होंने इस मिथक को तोड़ दिया है कि ठंडे इलाके का सेब गर्म इलाके में नहीं हो सकता।
सलोई गांव के नंदा ने सेब उगाने के साथ-साथ आम के एक पौधे पर 12 किस्म के फलदार पौधों की कलमें उगाने में सफलता पाई है। इन पौधों पर भी फल लगना शुरू हो गए हैं।
वैज्ञानिक तरीके से बागवानी कर क्षेत्र के लोगों को नई राह दिखा रहे सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य गुलजारी लाल ने अपने सलोई स्थित घर के बगीचे में कई किस्म के फलदार पौधे लगाए हैं। इनमें उन्नत रॉयल किस्म के 25 पौधे सेब की फसल दे रहे हैं।
साथ ही उन्होंने कई नए प्रयोग किए हैं। जैसे एक ही पौधे पर कलम लगाकर उनमें कई किस्म के फलदार पौधे उगाए हैं। बादाम, आम, आंवला, संतरा, नींबू के पौधों पर कलम कर एक ही पौधे पर चार किस्म के फल उगाए हैं।
उनके बगीचे में आम की सबसे बढि़या और महंगी किस्म के अल्फांसो, आम्रपाली और ग्लास के पौधे हैं। इनमें दो आम के पौधों पर 12 किस्म के फलदार पौधे लगाए गए हैं।
नंदा के बगीचे में हींग-दालचीनी के भी पौधे
हींग के पौधे जो अमूमन नेपाल के पहाड़ों में ही कामयाब हैं, नंदा ने इन्हें भी अपने बगीचे में उगा लिया है। यही नहीं, दालचीनी, अनार, शहतूत आदि अलग-अलग पौधे फलों से लदे हुए हैं।
बगीचे में विशेष तौर पर केरल से लाया गया केले का पौधा और केरल का ही पेशनेट फ्रूट भी तैयार है। गुलजारी लाल स्थानीय लोगों के लिए बागवानी के क्षेत्र में नई पहल के चलते आकर्षण का केंद्र बन गए हैं। लोग अकसर उनके पास मार्गदर्शन के लिए आने लगे हैं।
हरिमन बैराइटी उग सकती है गर्म इलाकों में
बिलासपुर के बागवान हरिमन ने कुछ साल पहले सेब की ऐसी किस्म ईजाद की है जो गर्म इलाकों में उगती है। हरमन की किस्म उनके नाम से पेटेंट भी हो चुकी है।
इस वैराइटी को दिल्ली और कई राज्यों में सफलतापूर्वक उगाया गया है। वे हर साल सैकड़ों सेब की कलमें बेचते हैं। लेकिन गुलजारी लाल नंदा ने बर्फीले इलाकों की किस्म को गर्म क्षेत्र में उगाकर नया कारनामा किया है।