पर्यावरण बचाने का लिया संकल्प, दिवाली पर पटाखे नहीं फोड़ेंगे लडभड़ोल के बाशिंदे
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देश में गंभीर होती पर्यावरण प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए मंडी जिले के लडभड़ोल के गांव जलाड़ के बाशिंदों ने दिवाली पर पटाखे न जलाने की शपथ ली। ग्रामीणों ने इकट्ठे होकर दिवाली पर सिर्फ दीये जलाने का संकल्प लिया। गांव के बुद्धिजीवी वर्ग, युवा, महिलाएं और बच्चों ने शपथ ली कि पर्यावरण बचाने के लिए वे हरसंभव कदम उठाएंगे। दीपावली पर पटाखे न चलाना पहला कदम है। आगे भी इसी तरह पर्यावरण बचाने के लिए कदम उठाए जाएंगे। ग्रामीणों दुनीचंद, हरनाम सिंह, बिचित्र सिंह, भागीरथ, मनोहर लाल, त्रिलोकनाथ, मिलापां देवी, गोदा देवी, ज्ञानो देवी, मदन लाल, मुकेश कुमार, चमन लाल आदि ने बताया कि वायु प्रदूषण खतरनाक लेवल तक पहुंच रहा है।
इसे आज न बचाया गया तो आने वाले समय में गंभीर स्थिति पैदा होगी। इसलिए आज जरूरत है वायु प्रदूषण को कम करने की दिशा में कदम उठाने की। हम सभी का कर्तव्य है कि पर्यावरण प्रदूषण को बढ़ने से रोका जाए और इसे कम करने के लिए कदम उठाए जाएं। आज कदम उठाएंगे तो कल बेहतर हो सकता है। ग्रामीणों ने कहा कि कोरोना काल में वायु प्रदूषण ने दिक्कतें बढ़ा दी हैं। संक्रमित व्यक्तियों के लिए वायु प्रदूषण घातक साबित हो रहा है। इसलिए सभी को संकल्प लेना होगा कि पर्यावरण बचाने के लिए प्रयास किए जाएं।
स्वच्छता के लिए चलाएंगे अभियान
ग्रामीणों ने कहा कि अब स्वच्छता के लिए भी अभियान चलाएंगे। इस बारे लोगों को भी जागरूक किया जाएगा। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि नशे से दूर रहें
डब्ल्यूएचओ की सुरक्षित सुरक्षित सीमा से 20 गुना ज्यादा एक्यूआई
आंकड़ों से पता चलता है कि पीएम 2.5 (धूल के महीन कण) का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से 20 गुना अधिक हो गया है दिवाली के एयर क्वालिटी इंडेक्स में और अधिक इजाफा हो सकता है।