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संकल्प प्रस्ताव: हिमाचल में डीजल और पेट्रोल से चलने वाले कटरों के बनाए जाएंगे लाइसेंस

Fri, 30 Aug 2024 10:59 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 30 Aug 2024 10:59 AM IST
सार

हिमाचल में अवैध कटान रोकने के लिए सरकार डीजल और पेट्रोल से चलने वाले कटरों के लाइसेंस बनाने को लेकर नीति बनाएगी। इस नीति के तहत लोगों को लाइसेंस दिए जाएंगे।

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Resolution proposal: Licenses will be made for cutters running on diesel and petrol in Himachal
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल में अवैध कटान रोकने के लिए सरकार डीजल और पेट्रोल से चलने वाले कटरों के लाइसेंस बनाने को लेकर नीति बनाएगी। इस नीति के तहत लोगों को लाइसेंस दिए जाएंगे।  जंगलों के आवरण को बढ़ाने के लिए महिला मंडल, पंचायतों की जिम्मेवारी तय की जाएगी। पौधरोपण करने और उनकी देखभाल करने के लिए उन्हें प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। सरकार ने वनों को आग से बचाने के लिए चीड़ के पौधों का भी रोपण बंद किया है।

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देसी आम के पेड़ों के कटान पर भी रोक लगा दी है। सुक्खू ने यह बात विधानसभा में विधायक जनक राज और सुखराम चौधरी की ओर से जलवायु परिवर्तन पर लाए गए संकल्प प्रस्ताव के जवाब में कही। सीएम ने कहा कि अगले साल से जंगलों में 60 फीसदी फलदार और 40 फीसदी अन्य पौधे लगाए जाएंगे। हिमाचल में ग्रीन एनर्जी बेचने को लेकर निजी कंपनी से बात चल रही है। कंपनी 9 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदने को तैयार है। जलवायु परिवर्तन के चलते प्रदेश का तापमान बढ़ रहा है। लाहौल-स्पीति और किन्नौर में बारिश नहीं होती थी, अब वहां बारिश हो रही है। सरकार बनने के बाद वन विभाग में भी कई परिवर्तन किए गए।
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जो पेड़ गिरे होंगे, उन्हें गार्ड, डीएफओ की मंजूरी से उठाया जा सकता है। अगर किसी की छत पर पेड़ गिर जाता है तो गार्ड, डिप्टी रेंजर, डीएफओ, कंजरवेटर को पेड़ हटाने की शक्तियां दी गई हैं।   इसके लिए वन निगम की अनुमति की जरूरत नहीं है। वन निगम और पंचायतें इसे खरीद सकती हैं। सीएम ने कहा कि चीड़ के पौधों की जगह अब धीरे-धीरे नए पौधे लेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व 16वें पे कमीशन से भी हिमाचल के लिए ग्रीन बोनस की मांग की है। सारा एरिया ग्रीन है और विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। इस संकल्प में सत्ता पक्ष के पांच और विपक्ष के सात सदस्यों ने अपने विचार रखे। सीएम के जवाब से संतुष्ट भाजपा विधायकों ने संकल्प प्रस्ताव वापस लिया।

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कैंथ पर हो नाशपाती की ग्राफ्टिंग : सीएम ने डाॅ. जनकराज के सुझाव पर कहा कि विधायक ने जो कैंथ के पौधों पर नाशपाती की ग्राफ्टिंग का सुझाव दिया है। 
पौधरोपण के लिए जगह हो चयनित :  रंजीत सिंह ने कहा कि पौधरोपण के समय जगह चयनित नहीं होती। पौधरोपण के लिए रास्ते बनें, इससे जंगल बच सकते हैं। 
तापमान 40 डिग्री जाना जलवायु परिवर्तन: विधायक हंसराज ने कहा की हिमाचल का तापमान 40 डिग्री तक जाना जलवायु परिवर्तन का कारण है। 
जलवायु परिवर्तन के लिए हम सब जिम्मेदार ः सुदर्शन बबलू ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के लिए हम सब जिम्मेदार हैं। 
पर्यावरण को बचाना हमारा दायित्व:  विधायक जीतराम कटवाल ने कहा कि पर्यावरण को बचाना हमारा दायित्व है। जंगलों की आग ने कार्बन को बढ़ाया है।
तीन साल में पौधरोपण पर 735 करोड़ खर्च : विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि तीन साल में पौधरोपण पर 735 करोड़ खर्च हुए हैं। लेकिन इनकी देखरेख के लिए कोई बजट जारी नहीं हुआ। 
आरा चलाने वाले चंद मिनट में काट देते पेड़ : विधायक बलबीर वर्मा ने कहा कि पौधरोपण में कोई भी पारदर्शिता नहीं है। आरा चलाने वालों के लइसेंस बनने चाहिए। अजय सोलंकी, सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि पर्यावरण में काफी बदलाव आया है। हमें अवैध कटान को लेकर कठोर नीति बनानी चाहिए। 

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