फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   research reveals that research reveals that tibetans ailing with tuberculosis

खुलासा! भारतीयों से ज्यादा तिब्बती शरणार्थी हैं इस बीमारी के शिकार

Fri, 24 Jun 2016 04:26 PM IST
सुरेश शांडिल्य/अमर उजाला, शिमला
सुरेश शांडिल्य/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 24 Jun 2016 04:26 PM IST
विज्ञापन
research reveals that research reveals that tibetans ailing with tuberculosis

अमेरिका, इटली के स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा हिमाचल, उत्तराखंड और कर्नाटक में बसे तिब्बतियों पर हुए शोध से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। भारत में एक लाख शरणार्थी तिब्बतियों में से 431 में क्षय रोग है। शरणार्थी तिब्बतियों में भारतीय औसत से ज्यादा टीबी के मरीज हैं। ये खुलासा हिमाचल, उत्तराखंड और कर्नाटक में बसे तिब्बतियों पर शोध से हुआ है।

विज्ञापन


इसे अमेरिका, इटली के स्वास्थ्य संस्थानों और निर्वासित तिब्बतियों के एक अस्पताल के विशेषज्ञों ने हाल ही में पूरा किया है। इस शोध के मुताबिक भारत में एक लाख तिब्बती शरणार्थियों में से 431 को टीबी की बीमारी है। कुछ समय पहले हुए एक अन्य अध्ययन के मुताबिक एक लाख भारतीयों में से 181 में टीबी पाई गई थी।
विज्ञापन


तिब्बतियों में टीबी रोग पर ये शोध पत्र मार्च 2016 में अमेरिकी सरकार के सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन ने इमर्जिंग इन्फेक्शियस डिजीजेस में प्रकाशित किया गया है। इस अध्ययन के लिए हिमाचल, उत्तराखंड और कर्नाटक में 27,714 तिब्बती शरणार्थियों की स्क्रीनिंग की गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

कैसा है तिब्बतियों का खानपान

research reveals that research reveals that tibetans ailing with tuberculosis

इनमें 3,830 तिब्बतियों में टीबी के लक्षण पाए गए। इनमें 96 मामले टीबी के पाए गए। यानी इस दर से एक लाख तिब्बतियों में से 431 में टीबी पाया गया। इनमें से भी पांच मामले मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट टीबी के पाए गए। इस रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि भारत में तिब्बती शरणार्थियों पर टीबी की ये दर बहुत अधिक है।

इस बारे में विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ये शोध अमेरिका की जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ बाल्टीमोर, इटली के सान राफीने साइंटिफिक इंस्टीट्यूट मिलान, मेरीलैंड डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड मेंटल हाईजीन बाल्टीमोर और तिब्बती देलेक अस्पताल धर्मशाला के विशेषज्ञों ने संयुक्त रूप से किया है।

तिब्बत के लोग चावल काफी और चपाती अधिक खाते हैं। तिब्बतियों का मुख्य आहार थंपा है। भारत में इसे सत्तू कहते हैं। इसके अलावा मक्खन वाली नमकीन, चाय तिब्बतियों का मुख्य जलपान है। वर्तमान में तिब्बतियों की डाइट आधी तिब्बत की और आधी भारतीय हो चुकी है।

तिब्बतियन अस्पताल में हर वर्ष टीबी के 200 मरीज

research reveals that research reveals that tibetans ailing with tuberculosis

धर्मगुरु दलाईलामा के संरक्षण प्राप्त डेलेक अस्पताल में हर साल टीबी के औसतन 200 तिब्बतियन मरीज इलाज करवाने आ रहे हैं। मैकलोडगंज स्थित तिब्बतियन डेलेक अस्पताल के डॉ. छेतेन दोरजे कहते हैं कि करीब तीन साल पहले हर वर्ष औसतन टीबी के करीब 300 मरीज इलाज करवाने आते थे, लेकिन अब यह आंकड़ा घटकर करीब औसतन 200 रह गया है।

तिब्बतियों में टीबी रोग बढ़ने के कारण
मैकलोडगंज स्थित तिब्बतियन डेलेक अस्पताल के डॉ. छेतेन दोरजे ने बताया कि भारत और चीन दोनों देशों में टीबी की बीमारी ज्यादा है। हालांकि, तिब्बत में यह बीमारी काफी कम होती है, लेकिन जब से तिब्बती अपना देश छोड़कर भारत में शरणार्थी के रूप में रह रहे हैं, तबसे उनमें टीबी की बीमारी ज्यादा पनपी है।

अत्यधिक तनाव, भीड़भाड़ में रहना, इम्युनिटी कम होना, सामाजिक-आर्थिक समस्या आदि तिब्बतियों में टीबी बढ़ने के प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा मठों और स्कूलों में भीड़भाड़ ज्यादा होने की वजह से कई बार तिब्बती बच्चे इंफेक्शन की वजह से इस बीमारी से ग्रसित हो जाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed