बड़ा भंगाल में फंसे भेड़पालकों के पास पहुंचा रेस्क्यू दल
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भेड़पालकों की सहायता के लिए होली से भेजा गया एक दल रविवार शाम को बड़ा भंगाल पहुंचा। क्षेत्र में भेड़पालक सुरक्षित हैं। उन्हें राशन की कोई कमी नहीं है। दल ने भेड़पालकों के लिए भेजे गए डकबैक के जूतों सहित अन्य सहायता सामग्री भी वितरित की।
यह जानकारी उपायुक्त कांगड़ा संदीप कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि सोमवार को दल के सदस्यों से उनकी बात हुई। यह टीम बड़ा भंगाल में ही कैंप करेगी। भेड़पालकों से निरंतर संपर्क में रहेगी। प्रशासन को समय-समय पर वास्तविक स्थिति से अवगत करवाती रहेगी।
इस दल में बड़ा भंगाल के पटवारी और चार पर्वतारोहियों सहित तीन स्थानीय लोग शामिल हैं। दल के साथ 20 जोड़ी डकबैक जूते भी भिजवाए थे। भेड़पालकों को आर्थिक सहायता की जरूरत पड़ने की स्थिति में दल के पास प्रशासन ने सहायता राशि भेजी है।
बड़ा भंगाल के लिए दुरुस्त किए जाएंगे वैकल्पिक रास्ते : सीएस
डीसी ने बताया कि रविवार को मुलथान-थमसर से भेजा गया 15 सदस्यीय दूसरा दल सोमवार शाम तक पहुंचेगा। मंगलवार को वस्तुस्थिति से अवगत करवाएगा। इस दल में मनाली से पर्वतारोही प्रशिक्षण संस्थान के 3 प्रशिक्षक तथा 12 स्थानीय लोग शामिल हैं।
दल के सदस्यों के पास खाद्य पदार्थ तथा कंबल भेजे हैं। बताया कि सोमवार को स्थानीय लोगों का एक और दल थमसर पास की ओर भेजा है। यह दल बीड़-राजगुंधा-बड़ा गांव-पलाचक की ओर से जाएगा।
मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने कहा कि बड़ा भंगाल के लिए सरकार वैकल्पिक रास्ता मजबूत करेगी। होली से न्याग्रां वैकल्पिक रास्ते से होकर फंसे लोग जा सकेंगे। यह रास्ता रावी के किनारे से होकर है।
उन्होंने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों के लिए लोगों की आवाजाही सुगम बनाने को सरकार कोशिश कर रही है। मुख्य सचिव ने कहा कि वे स्थानीय प्रशासन से संपर्क में हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी इस मसले को लेकर गंभीर हैं।