केलांग-मनाली में रेस्क्यू के लिए टीमें तैनात, अभी भी कई जगह फंसे हैं लोग
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प्रदेश का सबसे बड़ा हवाई रेस्क्यू ऑपरेशन 223 लोगों को एयरलिफ्ट करने के बाद समाप्त हो गया है। लेकिन अभी भी कई जगहों पर लोग फंसे हुए हैं। प्रशासन ने लाहौल-स्पीति में रोहतांग टनल और पैदल रेस्क्यू ऑपरेशन को जारी रखा है। जरूरत पड़ने पर हवाई सेवा के लिए सरकार से संपर्क किया जाएगा। वर्तमान परिस्थितियों के बाद मनाली व केलांग के जिस्पा में रेस्क्यू टीमें तैनात की गई हैं।
ये टीमें हर प्रकार की गतिविधियों पर नजर रखेंगी। फंसे हुए लोगों को रोहतांग टनल से मनाली तक पहुंचाया जाएगा। रोहतांग दर्रे से सड़क बहाल नहीं हो पाई है। कुल्लू से वाया रोहतांग टनल होकर सरचू तक सड़क मार्ग बहाल हो गया है। ऐसे में यदि किसी के फंसे होने की सूचना मिलती है तो उसे बचाने के लिए पैदल या वाहन के माध्यम से रेस्क्यू किया जाएगा।
वर्तमान में मढ़ी तक सड़क मार्ग बहाल हो गया है। दो अक्तूबर तक रोहतांग दर्रे से होकर भी सड़क बहाल होने की उम्मीद है। सड़क बहाली होने पर यातायात शुरू होगा। करीब पांच दिनों तक चले हवाई रेस्क्यू में 223 लोग लाहौल-स्पीति के विभिन्न हिस्सों से कुल्लू सुरक्षित पहुंचाए गए थे।
इनमें छह हेलीकॉप्टरों की सेवाएं ली गईं। डीसी यूनुस ने बताया कि एयरफोर्स के हेलीकॉप्टरों के माध्यम से चलाया गया रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म हो गया है। लेकिन रोहतांग टनल व पैदल रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। रविवार को भी कुछ लोगों ने बातल से कॉल की है, जिन्हें रेस्क्यू किया जा रहा है।