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शिमला : बिजली उत्पादन के साथ दिल्ली की 40 फीसदी प्यास बुझाएगी रेणुका बांध परियोजना
Mon, 17 Jan 2022 03:55 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 17 Jan 2022 03:55 AM IST
सार
148 मीटर ऊंचा बनेगा बांध, इससे बनने वाला जलाशय 24 किमी होगा लंबा। बरसात में बह जाने वाले पानी को रोककर 498 मिलियन घन मीटर उपयोग योग्य जल एकत्र होगा।
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renuka dam
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विस्तार
रेणुका जी बांध परियोजना विद्युत उत्पादन के साथ पेयजल की भी आपूर्ति करेगी। इस बांध से दिल्ली के लिए पानी की सप्लाई होगी, जिससे करीब 40 फीसदी पानी की समस्या दूर होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 दिसंबर, 2021 को रेणुका जी बांध परियोजना का पड्डल मैदान मंडी से शिलान्यास किया था। बांध नदी के तल से 148 मीटर ऊंचा होगा। इससे बनने वाला जलाशय 24 किलोमीटर लंबा होगा।
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यह परियोजना हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में यमुना नदी की सहायक नदी गिरी पर बनाई जाएगी। बरसात में बह जाने वाले पानी को रोककर जलाशय में 498 मिलियन घन मीटर उपयोग योग्य जल एकत्र होगा। इस राष्ट्रीय परियोजना के 40 मेगावाट क्षमता वाले विद्युत गृह से 200 मिलियन यूनिट ऊर्जा का वार्षिक उत्पादन होगा।
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हिमाचल सरकार ने स्पष्ट किया है कि गिरी नदी की ऊर्जा क्षमता का दोहन करने के लिए वर्ष 1942 में तत्कालीन पंजाब राज्य की ओर से अन्वेषण कार्य शुरू किया गया था। 1964 में हिमाचल सरकार ने दो परियोजनाओं पर अन्वेषण को आगे बढ़ाया। इनमें एक परियोजना गिरी जल विद्युत परियोजना 60 मेगावाट का कार्य सत्तर के दशक में शुरू हो गया एवं कालांतर में पूर्ण कर लिया गया।
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रेणुका जी बांध परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट को वर्ष 2000 में जल संसाधन मंत्रालय की तकनीकी सलाहकार समिति ने 1224.64 करोड़ की सहमति दी, लेकिन कुछ कारणों से परियोजना अमल में नहीं लाई जा सकी।