शिमला: अकादमी पुरस्कार से सम्मानित हिमाचल के जाने-माने कवि अवतार एनगिल का अमेरिका में देहांत
अवतार एनगिल का जन्म 14 अप्रैल, 1940 को अविभाजित भारत के पेशावर में हुआ था। वह हिमाचल प्रदेश के अनेक कॉलेजों में अंग्रेजी का अध्यापन करते थे। लंबे वक्त तक शिमला में ही रहे।
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हिमाचल प्रदेश के जाने-माने कवि अवतार एनगिल का देहांत को गया है। उन्होंने अमेरिका के पेनसिल्वैनिया में अंतिम सांस ली। वह 82 साल के थे। अवतार एनगिल को वर्ष 1997-98 में हिंदी कविता संग्रह ‘तीन डग कविता’ के लिए हिमाचल कला भाषा एवं संस्कृति अकादमी पुरस्कार मिल चुका है। अवतार एनगिल हिंदी, पंजाबी और अंग्रेजी तीनों भाषाओं में लिखते थे। उनका लेखन हिंदी में खूब चर्चित रहा। रिकॉर्ड में उनका नाम अवतार सिंह अरोड़ा था। अवतार एनगिल का जन्म 14 अप्रैल, 1940 को अविभाजित भारत के पेशावर में हुआ था। वह हिमाचल प्रदेश के अनेक कॉलेजों में अंग्रेजी का अध्यापन करते थे।
लंबे वक्त तक शिमला में ही रहे। उन्हें शोक श्रद्धांजलि देते साहित्यकार एवं भाषा कला संस्कृति अकादमी के पूर्व सचिव डॉ. तुलसी रमण ने कहा कि अवतार के दो बेटों के परिवार अमेरिका और कनाडा में बसे हैं। वह पत्नी मनमोहन कौर सहित बेटों के साथ रहते थे। अवतार के कविता संग्रह हिंदी और पंजाबी में प्रकाशित और चर्चित हुए हैं। कथाकार एसआर हरनोट ने भी कहा कि उनके प्रिय कवि अवतार एनगिल के बिछुड़ने का उन्हें बहुत दुख है। सोशल मीडिया पर भी अवतार के देहांत पर विभिन्न लेखकों ने शोकोद्गार व्यक्त किए हैं।
ये हैं अवतार एनगिल की प्रमुख कृतियां
अवतार एनगिल का वर्ष 1981 में पंजाबी में ‘इक सी परी’ कविता संग्रह छपा। इसके बाद वर्ष 1983 में हिंदी में उनका कविता संग्रह ‘सूर्य से सूर्य तक’, 1985 में ‘मनखान आएगा’, 1991 में अंधे कहार और 1995 में तीन डग कविता छपे। 1996 में एक अनुवाद ‘अफ सरशाही बेनकाब’ छपा। उन्होंने सआदत हसन मंटो, ओ हेनरी, ख्वाजा अहमद अब्बास, रांगेय राघव और अनेक कथाकारों की रचनाओं के पंजाबी में अनुवाद किए। उन्होंने भारतीय भाषाओं में सेतु बांधने का प्रयास किया।