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विधवा बहू के सात फेरे करवाकर ससुर ने पेश की मिसाल, दूल्हा लिया गोद

Wed, 07 Feb 2018 09:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, दाड़लाघाट (सोलन)
अमर उजाला ब्यूरो, दाड़लाघाट (सोलन) Updated Wed, 07 Feb 2018 09:35 AM IST
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remarriage of widow daughter-in-law by father in law at solan

सामाजिक कुरीतियों की बेड़ियां जागरूकता और शिक्षा की लौ से पिघलने लगी हैं। समाज को बदलने में युवा ही नहीं बल्कि बुजुर्ग भी साहसी कदम उठा रहे हैं। ऐसे ही बुजुर्ग हैं मांगल पंचायत के बागा गांव के सुखराम। 

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उन्होंने अपनी बहू का दोबारा विवाह करवाकर समाज के बीच एक मिसाल कायम की है। बेटे की मौत के बाद जवान बहू का न केवल दोबारा विवाह करवाया बल्कि उसके दूल्हे को भी गोद ले लिया। सुखराम ने समाज को संदेश दिया है कि हर किसी को अपनी जिंदगी अपने अंदाज में जीने का हक है।

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शादी के कुछ साल बाद ही बेटे की दुर्घटना में हो गई मौत

remarriage of widow daughter-in-law by father in law at solan

जानकारी के अनुसार मांगल पंचायत के बागा गांव के वार्ड नंबर एक के सुखराम चंदेल ने अपने बेटे की शादी बड़े धूमधाम से तारादेवी (22) से करवाई थी। लेकिन लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। शादी के कुछ साल बाद ही उनके बेटे की एक दुर्घटना में मौत हो गई। 

तारादेवी का हालांकि एक दो साल बेटा कार्तिक भी है। लेकिन सुखराम का तारादेवी का सहन नहीं हो पाया। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों को बंदिश की परवाह न करते हुए बहू की शादी दोबारा करवाने का फैसला लिया तथा वर की तलाश शुरू की।

इसी बीच उन्होंने बहू का रिश्ता संतोष कुमार (32) से तय कर दिया। संतोष को सुखराम ने जब बहू की पूरी कहानी सुनाई तो वह शादी के लिए तैयार हो गया। सुखराम चंदेल ने अपनी पुत्र की मारकंड में दोबारा शादी करवा दी। 

अब सुखराम के घर में ही रहेगा संतोष

remarriage of widow daughter-in-law by father in law at solan

इस शादी से जहां तारादेवी को सहारा मिल गया वहीं कार्तिक को पिता की छांव तथा सुखराम को संतोष के रूप में दोबारा अपना बेटा वापस मिल गया। संतोष अब सुखराम के घर ही रहेगा। सुखराम के घर से बहू विदा हुई लेकिन सात फेरे लेकर फिर घर लौट आई है अपने दूल्हे के संग।

इससे घर में दोबारा से खुशी का माहौल है। सुखराम ने बताया कि परिवार को जितना दु:ख पुत्र के खोने का था उतना ही कम उम्र में ही बहु के विधवा होने का भी था। परिजनों ने बहू को अपनी बेटी से बढ़कर चाहा।

उन्होंने कहा कि बेटे की मौत के बाद उन्होंने तय कर लिया था कि वह बहू की दोबारा शादी करवाएंगे। अब बहू की शादी होने से वह सुखी हैं तथा उन्हें किसी प्रकार की चिंता नहीं है।  

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