यौन उत्पीड़न मामले में एक्टर जितेंद्र को हाईकोर्ट से मिली राहत
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हिमाचल हाईकोर्ट ने जाने-माने अभिनेता जितेंद्र के खिलाफ शिमला में दर्ज यौन उत्पीड़न के केस में आगामी जांच पर फिलहाल रोक लगा दी है। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने अभिनेता की ओर से दायर एफआईआर रद्द करने संबंधी याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के बाद ये आदेश पारित किए।
याचिका में दिए तथ्यों के अनुसार 16 फरवरी को शिमला के महिला पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 354 के तहत अभिनेता जितेंद्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
एफआईआर में अभिनेता की रिश्तेदार चचेरी बहन ने 47 साल पहले की घटना का हवाला देकर उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। जितेंद्र के अधिवक्ता ने हाईकोर्ट के समक्ष इस प्राथमिकी को रद्द करने के लिए याचिका दायर की है।
जितेंद्र के वकील ने दी ये दलील
दलील है कि महिला ने अभिनेता को ब्लैकमेल करने के इरादे से यौन उत्पीड़न का आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज करवाई है। कथित घटना के 47 वर्ष बाद दर्ज इस प्राथमिकी में देरी के कारणों का कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।
जितेंद्र की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि शिकायत में न तो शिमला में की गई फिल्म की शूटिंग के नाम का और न ही शिमला के उस होटल के नाम का उल्लेख किया गया है, जहां यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया।
इसके अलावा उन दो सह अभिनेताओं के नाम भी प्राथमिकी में नहीं हैं, जिनका जिक्र शिकायत में किया गया है।
प्रार्थी के अनुसार उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए गए हैं, इसलिए यह एफआईआर रद्द की जाए। वकील की दलीलों पर फिलहाल प्रदेश हाईकोर्ट ने मामले में आगामी जांच पर रोक लगा दी है।