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Shimla News: बंदिशों में राहत, अब संजौली बाजार होकर सीधे चमियाना अस्पताल जा सकेंगे मरीज
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हाईकोर्ट के आदेश पर सुबह के समय छोटे वाहनों की आवाजाही पर लगी रोक आज से खत्म
हजारों लोगों और मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
एक सितंबर से ट्रायल आधार पर शुरू होगी व्यवस्था
रोक के चलते ढली बाईपास होकर अस्पताल जाते थे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। आईजीएमसी से सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना जाने वाले हजारों मरीजों को अब सुबह के समय लंबा सफर तय नहीं करना होगा।
पहली सितंबर से संजौली बाजार से होकर ही मरीज अस्पताल के लिए आवाजाही कर सकेंगे। हाईकोर्ट के आदेशों के बाद पहली सितंबर से संजौली बाजार में सुबह मार्ग बंद होने की व्यवस्था को खत्म किया जा रहा है। फिलहाल ट्रायल आधार पर छोटे वाहनों की आवाजाही सुचारू रखी जाएगी। इससे सोलन और निचले हिमाचल समेत आईजीएमसी से चमियाना जाने वाले मरीजों को वाया संजौली-ढली बाईपास होकर लंबा सफर तय करके अस्पताल नहीं पहुंचना पड़ेगा। ट्रायल सफल रहता है तो शाम को पौने पांच से साढ़े छह बजे तक भी वाहनों की आवाजाही शुरू होगी।
चमियाना अस्पताल में नौ विभागों की ओपीडी चलती हैं और हर रोज करीब 900 मरीज यहां जांच करवाने के लिए आते हैं। एसएसपी गौरव सिंह ने बताया कि प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों की अनुपालना करते हुए सोमवार से ट्रायल के आधार पर सुबह के समय संजौली बाजार से छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू की जाएगी।
उच्च न्यायालय ने यह मंजूरी सिर्फ छोटी गाड़ियों और ट्रैवलर आदि को दी है। बसों और अन्य भारी वाहनों को पीक ऑवर्स में जाने की अनुमति नहीं होगी। मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी। पिछली सुनवाई में जनहित याचिका के जरिये चमियाना डॉक्टर फैकल्टी संगठन और एक अन्य संस्था तथा न्यायमित्र की ओर से एक आवेदन दायर किया था। इसमें पीक ऑवर्स सुबह साढ़े आठ से साढ़े नौ बजे और शाम को पौने पांच से साढ़े छह बजे तक भी सड़क को खोलने की मांग की थी। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को चमियाना अस्पताल ले जाने में देरी होती है। इससे मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता है।
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तीन किमी अतिरिक्त करना पड़ रहा था सफर
पीक ऑवर्स में सुबह साढ़े आठ से सवा नौ बजे तक और शाम को पौने पांच से साढ़े छह बजे तक संजौली चौक से लेकर ढली टनल तक ट्रैफिक बंद रहता है। इस कारण अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को संजौली-ढली बाईपास होकर तीन किमी से अधिक का अतिरिक्त सफर करना पड़ता है। अब आईजीएमसी से बहुत सारे विभाग चमियाना अस्पताल शिफ्ट किए हैं और आपातकालीन स्थिति में भी मरीजों को शिफ्ट किया जाता है। इन पीक आवर्स में सड़क बंद होने की वजह से अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को संजौली बाईपास से होकर जाना पड़ता है। संजौली चौक से लेकर ढली टनल तक सिर्फ एंबुलेंस वाहनों को ही जाने की अनुमति रहती है। इससे निजी वाहनों में चमियाना अस्पताल जाने वाले मरीजों को घूमकर अस्पताल पहुंचना पड़ता है।
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हजारों लोगों और मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
एक सितंबर से ट्रायल आधार पर शुरू होगी व्यवस्था
रोक के चलते ढली बाईपास होकर अस्पताल जाते थे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। आईजीएमसी से सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना जाने वाले हजारों मरीजों को अब सुबह के समय लंबा सफर तय नहीं करना होगा।
पहली सितंबर से संजौली बाजार से होकर ही मरीज अस्पताल के लिए आवाजाही कर सकेंगे। हाईकोर्ट के आदेशों के बाद पहली सितंबर से संजौली बाजार में सुबह मार्ग बंद होने की व्यवस्था को खत्म किया जा रहा है। फिलहाल ट्रायल आधार पर छोटे वाहनों की आवाजाही सुचारू रखी जाएगी। इससे सोलन और निचले हिमाचल समेत आईजीएमसी से चमियाना जाने वाले मरीजों को वाया संजौली-ढली बाईपास होकर लंबा सफर तय करके अस्पताल नहीं पहुंचना पड़ेगा। ट्रायल सफल रहता है तो शाम को पौने पांच से साढ़े छह बजे तक भी वाहनों की आवाजाही शुरू होगी।
चमियाना अस्पताल में नौ विभागों की ओपीडी चलती हैं और हर रोज करीब 900 मरीज यहां जांच करवाने के लिए आते हैं। एसएसपी गौरव सिंह ने बताया कि प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों की अनुपालना करते हुए सोमवार से ट्रायल के आधार पर सुबह के समय संजौली बाजार से छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू की जाएगी।
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उच्च न्यायालय ने यह मंजूरी सिर्फ छोटी गाड़ियों और ट्रैवलर आदि को दी है। बसों और अन्य भारी वाहनों को पीक ऑवर्स में जाने की अनुमति नहीं होगी। मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी। पिछली सुनवाई में जनहित याचिका के जरिये चमियाना डॉक्टर फैकल्टी संगठन और एक अन्य संस्था तथा न्यायमित्र की ओर से एक आवेदन दायर किया था। इसमें पीक ऑवर्स सुबह साढ़े आठ से साढ़े नौ बजे और शाम को पौने पांच से साढ़े छह बजे तक भी सड़क को खोलने की मांग की थी। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को चमियाना अस्पताल ले जाने में देरी होती है। इससे मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता है।
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तीन किमी अतिरिक्त करना पड़ रहा था सफर
पीक ऑवर्स में सुबह साढ़े आठ से सवा नौ बजे तक और शाम को पौने पांच से साढ़े छह बजे तक संजौली चौक से लेकर ढली टनल तक ट्रैफिक बंद रहता है। इस कारण अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को संजौली-ढली बाईपास होकर तीन किमी से अधिक का अतिरिक्त सफर करना पड़ता है। अब आईजीएमसी से बहुत सारे विभाग चमियाना अस्पताल शिफ्ट किए हैं और आपातकालीन स्थिति में भी मरीजों को शिफ्ट किया जाता है। इन पीक आवर्स में सड़क बंद होने की वजह से अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को संजौली बाईपास से होकर जाना पड़ता है। संजौली चौक से लेकर ढली टनल तक सिर्फ एंबुलेंस वाहनों को ही जाने की अनुमति रहती है। इससे निजी वाहनों में चमियाना अस्पताल जाने वाले मरीजों को घूमकर अस्पताल पहुंचना पड़ता है।