हिमाचल: सैकड़ों परिवारों को राहत, बिजली बोर्ड में अनुकंपा नियुक्ति के बंद मामले फिर खुलेंगे, मांगे आवेदन
बिजली बोर्ड ने उन सभी मामलों की दोबारा समीक्षा और पुनर्परीक्षा करने का फैसला लिया है, जिन्हें पहले केवल आर्थिक रूप से अयोग्य या आय सीमा अधिक होने के आधार पर खारिज कर दिया गया था।
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राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड ने अनुकंपा नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे सैकड़ों परिवारों को बड़ी राहत दी है। बोर्ड ने उन सभी मामलों की दोबारा समीक्षा और पुनर्परीक्षा करने का फैसला लिया है, जिन्हें पहले केवल आर्थिक रूप से अयोग्य या आय सीमा अधिक होने के आधार पर खारिज कर दिया गया था। यह कार्रवाई राज्य सरकार की नई वन टाइम राहत नीति के तहत की जाएगी। बिजली बोर्ड के अवर सचिव की ओर से जारी आदेशों में सभी मुख्य अभियंताओं, फील्ड कार्यालय प्रमुखों और संबंधित संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे मामलों की पहचान कर मृत कर्मचारियों के आश्रितों को आवेदन करने के लिए सूचित किया जाए। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं मामलों को दोबारा खोला जाएगा, जिन्हें पहले सिर्फ आय या आर्थिक स्थिति के आधार पर अस्वीकृत किया गया था। अन्य कारणों से खारिज मामलों को इस विशेष प्रावधान का लाभ नहीं मिलेगा।
इन मामलों को इस विशेष प्रावधान का लाभ नहीं मिलेगा
अन्य कारणों से खारिज मामलों को इस विशेष प्रावधान का लाभ नहीं मिलेगा। दरअसल, प्रदेश सरकार के वित्त विभाग ने 1 जुलाई 2026 को जारी कार्यालय ज्ञापन के माध्यम से अनुकंपा नियुक्ति नीति में एक बार के विशेष उपाय के तहत पुराने मामलों की पुनर्समीक्षा की अनुमति दी थी। आदेश के अनुसार, पात्र मामलों की आर्थिक स्थिति का आकलन पुराने समय के बजाय वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर किया जाएगा। यानी आश्रित परिवार की आर्थिक स्थिति उसी तारीख के अनुसार जांची जाएगी, जिस दिन पुनर्विचार का नया आवेदन विभाग को प्राप्त होगा। इसके बाद उस समय लागू सरकारी नीति और भर्ती नियमों के अनुसार पात्रता तय की जाएगी।
सभी प्रस्ताव 30 नवंबर तक भेजने होंगे
बोर्ड प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि इन मामलों को नए आवेदन नहीं माना जाएगा, बल्कि इन्हें पुराने मामलों की पुनर्समीक्षा और पुनर्परीक्षा के रूप में लिया जाएगा। संबंधित कार्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे रिकॉर्ड की जांच कर सभी प्रस्ताव 30 नवंबर तक मुख्यालय भेजें, जिससे सरकार की ओर से निर्धारित समयसीमा 31 दिसंबर के भीतर अंतिम निर्णय लिया जा सके। बिजली बोर्ड और अन्य ऊर्जा उपक्रमों में वर्षों से ऐसे कई मामले लंबित हैं, जिनमें कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु के बाद आश्रितों ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था, लेकिन उस समय तय आर्थिक मानकों को पूरा न कर पाने के कारण आवेदन खारिज कर दिए गए थे। अब आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव और सरकार की नई नीति के चलते ऐसे परिवारों को रोजगार का अवसर मिलने की उम्मीद जगी है।