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Shimla News: कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम करें बहाल, पदोन्नतियां दे सरकार

Mon, 13 Apr 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 13 Apr 2026 11:59 PM IST
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Reinstate the Career Advancement Scheme, and provide promotions to the government.
हिमाचल विश्वविद्यालय के शिक्षकों का आग्रह
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बोले, तीन साल से नहीं हो रही हैं पदोन्नतियां
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश के विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के शिक्षकों ने कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम (कैस) लागू न होने पर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की शिक्षक संयुक्त कार्यवाही समिति ने सोमवार को सरकार को चेतावनी दी कि यदि जल्द इस स्कीम को बहाल नहीं किया तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

समिति ने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि अन्य विभागों में कर्मचारियों को नियमित पदोन्नतियां और बकाया लाभ दिए जा रहे हैं जबकि उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों को उनके अधिकारों से वंचित रखा गया है।समिति ने प्रेस क्लब में सोमवार को आयोजित वार्ता में कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने वर्ष 2018 में 7वां वेतनमान लागू किया था जिसके बाद देश के अधिकांश राज्यों में शिक्षकों को वेतनमान के साथ कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम के तहत नियमित पदोन्नतियां भी मिल रही हैं।
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प्रदेश में भी 7वां वेतनमान वर्ष 2022 में अधिसूचित किया गया लेकिन कैस को अलग से अधिसूचना जारी करने की शर्त के साथ रोक दिया गया। हपुटा के अध्यक्ष नितिन व्यास ने बताया कि वर्ष 2022 से अब तक प्रदेश के किसी भी विश्वविद्यालय या महाविद्यालय में कैस के तहत पदोन्नतियां नहीं हो पाई हैं। इससे सैकड़ों शिक्षक प्रभावित हैं जिनमें कई ऐसे भी हैं जो दो वर्षों में सेवानिवृत्त होने वाले हैं, लेकिन उन्हें उनकी वैध पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा है।इससे न केवल शिक्षकों का मनोबल गिर रहा है बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में स्पष्ट किया है कि शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर और संतुष्ट शिक्षकों पर निर्भर करती है। ऐसे में कैस लागू न करना नीति की भावना के विपरीत है। समिति के अध्यक्ष प्रो जनार्दन सिंह और महासचिव प्रो नितिन व्यास ने सरकार से मांग की कि बिना किसी देरी के कैस और उच्च योग्यता पर मिलने वाली वेतन वृद्धि को लागू किया जाए अन्यथा शिक्षकों को आंदोलन तेज करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
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