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अच्छी खबर: देशभर में अप्रैल से सस्ती मिलेंगी दवाएं

Wed, 25 Mar 2015 01:07 PM IST
Updated Wed, 25 Mar 2015 01:07 PM IST
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Reduction in price of medicines from 1st april all over country.

हिमाचल समेत देशभर में अप्रैल माह से सभी तरह की दवाइयां सस्ती होने जा रही हैं जिन पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क (सीएसटी) लगता है। दवा उत्पादन पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क के तहत लगने वाले तीन फीसदी एजूकेशन सैस को केंद्र सरकार ने पूरा माफ कर दिया है। इसका सीधा लाभ आम लोगों को होगा।

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एक अनुमान के मुताबिक 10 हजार रुपये की दवाई पर 18 रुपये बचेंगे। केंद्रीय दवा मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने एक मार्च को अधिसूचना जारी करते हुए प्रदेश समेत सभी दवा उत्पादकों को तय एमआरपी में संशोधन करने के निर्देश दिए हैं। निर्देश तत्काल प्रभाव से हैं, लेकिन नए स्टॉक को बाजार में आते-आते एक माह लग जाता है।

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पुरानी दवाओं का वही रेट रहेगा

Reduction in price of medicines from 1st april all over country.

हालांकि, पुरानी दवाओं का स्टाक मार्केट में उन्हीं कीमतों पर बिकेगा। प्राधिकरण के सर्कुलर दवा कंपनियों को पहुंच चुके हैं। इसे लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। सेंट्रल एक्साइज के टैक्स कंसलटेंट मुकेश शर्मा ने बताया कि संबंधित उद्योगों को यह निर्देश जारी हुए हैं।

इसमें दवा की कीमतों पर असर पड़ेगा। कंपनियों को एमआरपी में संशोधन करना होगा। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने नोटिफिकेशन नंबर 14/2015 और 15/2015 में यह आदेश जारी किए हैं। शिक्षा उपकर को हटाने से एक्साइज ड्यूटी 6.18 फीसदी से कम होकर 6 फीसदी रहेगी।

सीएसटी वाली सभी दवाएं होंगी सस्ती

Reduction in price of medicines from 1st april all over country.

जिन दवाओं पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क लगता है वे सभी दवाएं सस्ती होंगी। नेशनल लिस्ट ऑफ असेंशियल मेडिसन में शामिल सभी लगभग 348 दवाओं की कीमत भी होगी। इसमें सिरदर्द से लेकर, हार्ट, किडनी और कैंसर तक की दवाइयां शामिल हैं। देश में सैकड़ों कंपनियां इन दवाओं का उत्पादन करती हैं। देश भर के कुल दवा उत्पादन में 60 से 70 शेयर हिमाचल के उद्योगों का है।

एजुकेशन में काम आता है यह कर- शिक्षा उपकर को तीन श्रेणियों एजूकेशन सैस, सेकेंडरी और हायर सैस के तहत वसूला जाता है। इस उपकर को केंद्र सरकार देश में शिक्षा को बढ़ावा देने के एवज में वसूलती थी। ये फर्म की आय पर तीन फीसदी के हिसाब से वसूला जाता है।

दवाइयों का तुलनात्मक अध्ययन- 1. कैंसर की ग्लेविक दवाई का एक ट्रीटमेंट 1 लाख 8 हजार रुपये में पड़ता है। इस पर 194 रुपये बचेंगे। 2. हार्ट की दवाई प्लेविक्स 1615 में आती है इस पर 2 रुपये 90 पैसे कम लगेंगे। 3. कैलोस्ट्रोल के लिए स्टोरबस-10 दवाई 97 रुपये में आती है इस पर 17 पैसे बचेंगे।

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