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Shimla News: लाल और सफेद रंग से चमका चैडविक हाउस
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मरम्मत कार्य पर खर्च हो रहे 14 करोड़
163 साल पुराना हैै ऐतहासिक चैडविक हाउस भवन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। ऐतहासिक चैडविक हाउस भवन को लाल और सफेद रंग की नई परत से चमका दिया है। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने चैडविक हाउस के बाहरी ढांचे का मरम्मत कार्य करवाया है। 163 साल पुराने इस भवन की छत को बदला है। इसके अलावा भवन के पुराने बुनियादी ढांचे की मरम्मत भी की जा रही है। इस पर करीब 14 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।
नए साल के पहले हफ्ते में भवन का दोबारा उद्घाटन किया जाएगा। भवन में गांधी की प्रतिमा के ऊपर एक संग्रहालय भी बनाया है। इसका निर्माण वर्ष 2019 में शुरू हुआ था। संग्राहालय में भवन के पूरे इतिहास की झलक देखी जा सकेगी। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता दीपक मेहरा ने बताया कि चैडविक हाउस का काम लगभग पूरा हो चुका है। अगले साल की शुरुआत तक इस भवन को सभी के लिए खोल दिया जाएगा। भवन में नई अग्निशामक प्रणाली लगाई है। इसके अलावा छह नए कैमरे लगाए हैं। पूरी इमारत में नए स्मोक डिटेक्टर भी लगाए हैं। स्क्रीन, माइक और प्रोजेक्टर के साथ दो नए अत्याधुनिक सम्मेलन कक्ष भी बनाए हैं।
देश के पहले आईएएस अधिकारियों ने लिया था प्रशिक्षण
वर्ष 1860 में बने चैडविक हाउस को 1950 में पहला आईएएस ट्रेनिंग स्कूल बनाया था। 1949 की परीक्षा में सफल घोषित उम्मीदवारों में से चुने गए आईएएस परिवीक्षाधीनों का पहला बैच 1950 में यहीं बैठा था। चैडविक हाउस में 48 सप्ताह का प्रशिक्षण अधिकारियों को दिया था।
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163 साल पुराना हैै ऐतहासिक चैडविक हाउस भवन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। ऐतहासिक चैडविक हाउस भवन को लाल और सफेद रंग की नई परत से चमका दिया है। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने चैडविक हाउस के बाहरी ढांचे का मरम्मत कार्य करवाया है। 163 साल पुराने इस भवन की छत को बदला है। इसके अलावा भवन के पुराने बुनियादी ढांचे की मरम्मत भी की जा रही है। इस पर करीब 14 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।
नए साल के पहले हफ्ते में भवन का दोबारा उद्घाटन किया जाएगा। भवन में गांधी की प्रतिमा के ऊपर एक संग्रहालय भी बनाया है। इसका निर्माण वर्ष 2019 में शुरू हुआ था। संग्राहालय में भवन के पूरे इतिहास की झलक देखी जा सकेगी। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता दीपक मेहरा ने बताया कि चैडविक हाउस का काम लगभग पूरा हो चुका है। अगले साल की शुरुआत तक इस भवन को सभी के लिए खोल दिया जाएगा। भवन में नई अग्निशामक प्रणाली लगाई है। इसके अलावा छह नए कैमरे लगाए हैं। पूरी इमारत में नए स्मोक डिटेक्टर भी लगाए हैं। स्क्रीन, माइक और प्रोजेक्टर के साथ दो नए अत्याधुनिक सम्मेलन कक्ष भी बनाए हैं।
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देश के पहले आईएएस अधिकारियों ने लिया था प्रशिक्षण
वर्ष 1860 में बने चैडविक हाउस को 1950 में पहला आईएएस ट्रेनिंग स्कूल बनाया था। 1949 की परीक्षा में सफल घोषित उम्मीदवारों में से चुने गए आईएएस परिवीक्षाधीनों का पहला बैच 1950 में यहीं बैठा था। चैडविक हाउस में 48 सप्ताह का प्रशिक्षण अधिकारियों को दिया था।
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