{"_id":"60f565338c0a6b667125797a","slug":"records-related-to-pregnant-women-and-children-up-to-six-years-will-be-available-on-one-click","type":"story","status":"publish","title_hn":"एप: एक क्लिक पर मिलेगा गर्भवती महिलाओं और छह साल तक के बच्चों से जुड़ा रिकॉर्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एप: एक क्लिक पर मिलेगा गर्भवती महिलाओं और छह साल तक के बच्चों से जुड़ा रिकॉर्ड
Wed, 21 Jul 2021 10:30 AM IST
Krishan Singh
अनिमेष कौशल, अमर उजाला, शिमला
अनिमेष कौशल, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 21 Jul 2021 10:30 AM IST
सार
पोषण ट्रैकर एप्लीकेशन शुरू होने पर छह साल तक बच्चों और गर्भवती महिलाओं से जुड़ी हर जानकारी एक क्लिक पर मिलेगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एप चलाने के लिए प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया गया है।
विज्ञापन
निदेशक राखिल काहलों
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के 18925 आंगनबाड़ी केंद्रों की हर रिपोर्ट जल्द ऑनलाइन तैयार होगी। महिला एवं बाल विकास विभाग की नई निदेशक राखिल काहलों ने पदभार संभालते ही केंद्र सरकार की सही पोषण देश रोशन योजना पर काम तेज कर दिया है। योजना के तहत पोषण ट्रैकर एप तैयार किया गया है। इससे बच्चों और गर्भवती महिलाओं में कुपोषण की बीमारी दूर करने का दावा किया गया है। पोषण ट्रैकर एप्लीकेशन शुरू होने पर छह साल तक बच्चों और गर्भवती महिलाओं से जुड़ी हर जानकारी एक क्लिक पर मिलेगी।
विज्ञापन
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एप चलाने के लिए प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया गया है। बीते साल आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इसके लिए स्मार्ट मोबाइल फोन दिए गए थे। उन्होंने बताया कि पोषण ट्रैकर एप शुरू करने का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्र, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर निगरानी रखने और उससे संबंधित सभी सेवाएं आसानी से उपलब्ध करवाना है। एप के माध्यम से गर्भवती, स्तनपान कराने वाली महिलाएं और बच्चों के पूर्ण लाभार्थी प्रबंध गतिविधियों को आसानी से प्रदान करवाया जाएगा।
विज्ञापन
कुपोषण जैसी गंभीर बीमारियों की मैपिंग की जाएगी। कहा कि कोरोना संकट में आंगनबाड़ी वर्करों ने स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर बेहतरीन कार्य किया है। अब प्रदेश में स्थित 18925 आंगनबाड़ी केंद्रों को कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए खोल दिया है। स्टाफ को केंद्रों में नियमित तौर पर आने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, बच्चों के अभी केंद्रों में आने पर रोक रहेगी। केंद्रों से ही बच्चों के लिए प्रतिमाह राशन आवंटित किया जाएगा।
विज्ञापन
19 बच्चों के नाम खोली चार हजार रुपये प्रतिमाह की एफडी
कोरोना संक्रमण से मां-बाप खो चुके बच्चों के पालन पोषण के लिए शुरू मुख्यमंत्री बाल उद्धार योजना अधिसूचित कर दी गई है। प्रदेश में ऐसे 19 बच्चे हैं, जिनके मां-बाप की कोरोना से मौत हुई है। ऐसे बच्चों को प्रतिमाह सरकार चार हजार रुपये देगी। संबंधित विभाग ने इन बच्चों के नाम पर एफडी खोली है। इसमें प्रतिमाह चार हजार रुपये दिए जाएंगे। बच्चों को 18 वर्ष की आयु तक यह धनराशि दी जाएगी।