Ranji Trophy: हिमाचल के पारस डोगरा की अगुवाई में पहली बार फाइनल में पहुंची जम्मू-कश्मीर की टीम
जिस जम्मू-कश्मीर की टीम ने बुधवार को बंगाल को हराकर फाइनल में प्रवेश किया है, उस टीम की कप्तानी हिमाचल के कांगड़ा जिले के पारस डोगरा कर रहे हैं।
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रणजी क्रिकेट ट्रॉफी के 92 साल के इतिहास में जम्मू-कश्मीर की टीम ने पहली बार फाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया है। यह उपलब्धि हिमाचल प्रदेश के लिए भी खास है। जिस जम्मू-कश्मीर की टीम ने बुधवार को बंगाल को हराकर फाइनल में प्रवेश किया है, उस टीम की कप्तानी हिमाचल के कांगड़ा जिले के पारस डोगरा कर रहे हैं। इसी सेमीफाइनल मुकाबले में पारस ने अपने नाम एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। वह रणजी ट्रॉफी के अब तक के इतिहास में 10 हजार रन बनाने वाले केवल दूसरे खिलाड़ी बने। उनसे आगे अब मुंबई के वसीम जाफर हैं। इस सीजन पारस डोगरा के बल्ले से 500 से ज्यादा रन बन चुके हैं। हिमाचल के पारस डोगर के नाम 33 शतक और नौ दोहरे शतक हैं। दोहरे शतकों के मामले में वह चेतेश्वर पुजारा के साथ पहले स्थान पर हैं। 41 वर्षीय पारस डोगरा ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट कॅरिअर की शुरुआत 2001 में हिमाचल प्रदेश से की। 17 वर्ष में हिमाचल के लिए 95 प्रथम श्रेणी मुकाबले खेले। 2018 में वह पुडुचेरी की टीम में शामिल हो गए। रणजी ट्रॉफी में पुडुचेरी की ओर से पहला शतक बनाने का रिकाॅर्ड भी इसी क्रिकेटर के नाम है। टीम के लिए कप्तानी करते हुए पारस डोगरा का प्रदर्शन यादगार रहा। इसके बाद वह 2025 में जम्मू-कश्मीर की टीम में शामिल हो गए और कप्तान की जिम्मेवारी संभाली। उनकी कप्तानी में टीम ने इतिहास रचा है। टीम ने पहली बार सेमीफाइनल और अब फाइनल में प्रवेश कर लिया है।
तीन टीमों की कप्तानी करने वाले खिलाड़ी
पारस डोगरा ने पहले हिमाचल की कप्तानी की। इसके बाद पुडुचेरी की टीम से खेलते हुए कप्तान बने और अब जम्मू-कश्मीर की टीम की कप्तानी संभाल रहे हैं। रणजी के अलावा पारस डोगरा आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स, पंजाब किंग्स, गुजरात लायंस से खेल चुके हैं। हिमाचल की पहली रणजी टीम के सदस्य रहे मंडी के प्रवीण सेन ने कहा कि पारस डोगरा लंबे समय से प्रथम श्रेणी क्रिकेट में योगदान दे रहे हैं। हिमाचल के लिए गर्व की बात है कि उनकी कप्तानी में जम्मू-कश्मीर की टीम ने पहली बार फाइनल में स्थान बनाया है।
राज्य स्तरीय वॉलीबाल प्रतियोगिता के लिए कल होगा टीम का चयन
जिला बिलासपुर वॉलीबाल एसोसिएशन की ओर से अंडर-21 (लड़के) की राज्य स्तरीय वॉलीबाल प्रतियोगिता के लिए जिला स्तर पर चयन प्रक्रिया 20 फरवरी को आयोजित की जाएगी। यह चयन दोपहर 3 बजे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बरठीं में होगा। चयनित खिलाड़ी जिला बिलासपुर का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। प्रतियोगिता हिमाचल प्रदेश वॉलीबाल एसोसिएशन के मार्गदर्शन में 23 से 26 फरवरी तक कांगड़ा जिले के शाहपुर में होगी। प्रदेश के विभिन्न जिलों की टीमें इसमें भाग लेंगी। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि चयन में भाग लेने वाले खिलाड़ी का जन्म 1 जनवरी 2005 के बाद होना आवश्यक है। आयु प्रमाणन हेतु खिलाड़ियों को दसवीं कक्षा का प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, आधार पहचान पत्र और पासपोर्ट आकार के दो नवीनतम छायाचित्र साथ लाने होंगे। संघ के अध्यक्ष अनूप चंदेल ने जिले के सभी योग्य खिलाड़ियों से निर्धारित समय पर उपस्थित होकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। महासचिव अंकित चोपड़ा ने बताया कि चयन प्रक्रिया निष्पक्ष एवं पारदर्शी होगी।