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रामलोक मंदिर के संस्थापक कर रहे लंदन में महारानी की आत्मा की शांति के लिए यज्ञ
Mon, 03 Oct 2022 11:54 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 03 Oct 2022 11:54 AM IST
सार
रामलोक मंदिर के संस्थापक स्वामी अमरदेव को ब्रिटिश और एनआरआई वेलफेयर सोसायटी ऑफ इंडिया की ओर से लंदन के हाउस ऑफ कॉमन में महात्मा गांधी सम्मान से सम्मानित किया।
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बाबा अमर देव को किया सम्मानित।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ब्रिटेन की राजधानी लंदन के विंडसर कैसल पैलेस में प्रिंस फिलिप और रानी एलिजाबेथ की आत्मा की शांति के लिए मोक्ष दिलाने के लिए 15 दिवसीय हवन यज्ञ रविवार से शुरू हुआ। हनुमान चालीसा का 108 बार और सुंदर कांड तथा संपूर्ण रामायण का पाठ भी किया जाएगा। इसमें ब्रिटिश परिवार के सदस्यों सहित 35 देशों के लोग भाग लेंगे। यह यज्ञ सोलन जिले के रुड़ा स्थित रामलोक मंदिर के संस्थापक स्वामी अमर देव के निर्देशन में हो रहा है।
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यह जानकारी खुद स्वामी अमर देव ने साझा की है। भारत के 75वें अमृत महोत्सव के चलते हिमाचल के रुड़ा स्थित रामलोक मंदिर के संस्थापक स्वामी अमरदेव को ब्रिटिश और एनआरआई वेलफेयर सोसायटी ऑफ इंडिया की ओर से लंदन के हाउस ऑफ कॉमन में महात्मा गांधी सम्मान से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें भारतीय संस्कृति के धार्मिक क्षेत्र में अपना योगदान देने के लिए दिया गया।
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सम्मान लेने के बाद अमरदेव ने बताया कि उनका जन्म इंग्लैंड के क्वींस मैरी हॉस्पिटल में हुआ, इसलिए वह मूल रूप से ब्रिटिश नागरिक भी हैं। सम्मान समारोह में लॉर्ड रॉमी रेंजर्स, एमपी साउथ हॉल वीरेंद्र शर्मा, गुरिंद्र सिंह और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि रामलोक मंदिर मेें दुनिया की सबसे बड़ी अष्टधातु की मूर्ति स्थापित होने के कारण इसे वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में नामित किया गया है। अमर देव ने कहा कि यह सम्मान देवभूमि और भारत को समर्पित करते हैं।
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