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हिमाचल से एनएच-5 के रास्ते अब चीन शासित तिब्बत सीमा पर पहुंचना आसान
Mon, 28 Jun 2021 05:55 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 28 Jun 2021 05:55 PM IST
सार
राजनाथ सिंह ने देश के सीमावर्ती क्षेत्रों को सड़क सुविधा से जोड़ने में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की भूमिका की सराहना की। कार्यक्रम में जुड़े मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राजनाथ सिंह का आभार व्यक्त किया।
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पुलों का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण करते रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश से एनएच-5 के रास्ते अब चीन शासित तिब्बत सीमा पर पहुंचना और आसान हो गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को पूर्वी लद्दाख के कुन्गयाम से देश के आठ राज्यों में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा निर्मित 63 पुलों का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया। इनमें से सामरिक महत्व के तीन पुल हिमाचल में हैं। सामरिक महत्व के ये तीनों पुल पोवारी और पूह के बीच बनाए गए हैं।
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लोकार्पण पर संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने देश के सीमावर्ती क्षेत्रों को सड़क सुविधा से जोड़ने में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की भूमिका की सराहना की। कार्यक्रम में जुड़े मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राजनाथ सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पवारी-पूह सड़क पर 4.27 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 40 मीटर लंबा पांगी पुल वर्ष भर संपर्क सुविधा प्रदान करेगा और सैनिकों का मनोबल बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।
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किरण खड्ड पर 5.55 करोड़ रुपये की लागत से पुल का निर्माण किया गया है। यह पुल संपर्क सुविधा सुनिश्चित करने के साथ-साथ सैनिकों के लिए विभिन्न सामग्री की निर्बाध आपूर्ति करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पुल क्षेत्र में कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ सामाजिक व आर्थिक विकास में भी सहायक सिद्ध होगा।
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पूह-कौरिक सड़क पर 2.16 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 30 मीटर लंबा टाइटन पुल सीमावर्ती क्षेत्र में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। यह सड़क भारत व चीन सीमा पर तैनात सैनिकों के लिए जीवन रेखा का काम करती है। उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और नागालैंड के मुख्यमंत्रियों ने भी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में हिस्सा लिया।