जम्मू-कश्मीर में तैनात फौजी भाइयों की कलाइयां रहेंगी सूनी
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जम्मू और कश्मीर में तैनात फौजी भाइयों की इस बार 15 अगस्त को रक्षाबंधन पर कलाइयां सूनी ही रहेंगी। धारा 370 हटाने के बाद एहतियातन हिमाचल से भी पड़ोसी राज्यों के लिए डाक सेवाएं रोक दी हैं। ऐसे में बहनें अपने फौजी और अन्य भाइयों के लिए राखी नहीं भेज पा रही हैं। न ही जम्मू-कश्मीर से किसी तरह की डाक यहां आ रही है।
जम्मू-कश्मीर के लिए यातायात की तरह डाक सेवाएं भी ठप हैं। जिन लोगों ने जम्मू-कश्मीर के लिए अपने पत्र पोस्ट या स्पीड पोस्ट कर रखे हैं, वे अभी जगह-जगह डाकघरों में ही जमा हैं। इन्हें फिलहाल नहीं भेजा जा रहा है। जम्मू-कश्मीर में रह रहे अपने भाइयों को डाक से राखी पोस्ट करने पहुंच रही महिलाओं और युवतियों को डाकघरों से मायूस लौटना पड़ रहा है। इनकी डाक तक नहीं ली जा रही। कहा जा रहा है कि अभी जम्मू-कश्मीर के लिए डाक सेवाएं पूरी तरह से बंद हैं।
शिमला के मालरोड स्थित मुख्य डाकघर में भी दिन भर महिलाएं राखियां पोस्ट करने के लिए पहुंचती रहीं। कई महिलाएं स्पीड पोस्ट करने पहुंचीं, लेकिन मायूसी हाथ लगी। इन्हें कुछ दिन बाद आने को कहा गया।
शिमला में रह रहे जम्मू-कश्मीर के लोग भी अपनी बहनों की राखी के इंतजार में हैं। यातायात सेवाएं बंद होने के कारण ये लोग घर भी नहीं जा पा रहे हैं। उधर, डाक विभाग का कहना है कि केंद्र सरकार के दिशा निर्देश पर जम्मू-कश्मीर के लिए डाक सेवाएं बंद हैं। सरकार रक्षाबंधन से पहले इसे बहाल कर सकती है, लेकिन जब तक बहाली के निर्देश जारी नहीं हो जाते तब तक सेवा बंद रहेगी।
दिल्ली से अभी स्पष्ट निर्देश हैं कि जम्मू-कश्मीर के लिए डाक सेवाएं बंद रहेंगी। जब तक आगामी निर्देश नहीं मिल जाते, तब तक यह रोक लागू रहेगी। - बिशन सिंह, एडिशनल चीफ पोस्टमास्टर जनरल