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Shimla: राज्यसभा से भी पारित करवाया जाए हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा दिलाने का कानून, मंच ने सौंपा मांगपत्र
Thu, 20 Apr 2023 07:02 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 20 Apr 2023 07:02 PM IST
सार
प्रदेश राज्य के जिला सिरमौर में गिरिपार क्षेत्र के मूल निवासी हाटी समुदाय को जनजाति का दर्जा दिलाने और क्षेत्र को अनुसूचित क्षेत्र घोषित करवाने के लिए राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा गया।
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हाटी विकास मंच के प्रतिनिधि।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश राज्य के जिला सिरमौर में गिरिपार क्षेत्र के मूल निवासी हाटी समुदाय को जनजाति का दर्जा दिलाने और क्षेत्र को अनुसूचित क्षेत्र घोषित करवाने के लिए राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा गया। राष्ट्रपति ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वह हाटी समुदाय के हितों की पूरी पैरवी करेंगी। सिरमौर हाटी विकास मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंह सिंगटा की अध्यक्षता में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से वीरवार को मिले प्रतिनिधिमंडल ने इस ज्ञापन के जरिये कहा कि केंद्रीय कैबिनेट से 14 सितंबर 2022 को हाटी समुदाय को जनजाति श्रेणी के लिए मंजूरी मिली है।
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उसके बाद लोकसभा से 18 दिसंबर 2022 को इसे पारित किया गया है। लेकिन, राज्यसभा में अभी पारित नहीं हो पाया है। इससे लोगों को उनका हक नहीं मिल रहा है। आग्रह किया कि इसको शीघ्र ही राज्यसभा से भी पारित करवाया जाए और साथ ही गिरिपार क्षेत्र को अनुसूचित क्षेत्र भी घोषित किया जाए, जिससे लाखों लोगों को उनका हक मिल सके।
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ज्ञापन में कहा कि राष्ट्रपति के देवभूमि हिमाचल प्रदेश में आगमन पर हाटी समुदाय उनका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन करता है। हाटी हिमाचल प्रदेश का अति पिछड़ा हुआ समुदाय है, जो वर्ष 1967 से जनजातीय अधिकार की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने हाटी समुदाय के लोगों की मांग को चुनावी घोषणा पत्र में भी रखा और वर्तमान में यह मामला केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के बाद लोकसभा से पारित हो चुका है, लेकिन राज्यसभा में अभी भी यह विचाराधीन है।
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