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Bilaspur: रामलाल ठाकुर के पक्ष में उतरे धर्माणी, बोले- इस्तीफा वे दें, जो माफिया बनकर अफसरों को डराते रहे
Sat, 17 Sep 2022 07:07 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 17 Sep 2022 07:07 PM IST
सार
धर्माणी ने कहा कि पार्टी से त्यागपत्र तो उस नेता को देना चाहिए, जिसके परिजन नशे में संलिप्त पाए गए और उन पर केस दर्ज हुए। यहां तक कि किसी ने आत्महत्या तक कर ली।
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अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव राजेश धर्माणी
- फोटो : संवाद
विस्तार
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता रामलाल ठाकुर के इस्तीफा देने की घोषणा के बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव राजेश धर्माणी उनके पक्ष में उतर आए हैं। उन्होंने कहा कि रामलाल ठाकुर पार्टी के स्तंभ हैं। छात्र राजनीति से अब तक रामलाल ने पार्टी को अपने लहू से सींचा है। उन्होंने कहा कि त्यागपत्र देने की जरूरत तो उन्हें है, जिन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के नाम पर धब्बा लगाया है। सत्ता में रहकर अवैध खनन का कारोबार किया, माफिया बनकर अधिकारियों को डराते रहे। उन्हें अपने पदों से त्यागपत्र देना चाहिए।
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प्रेस बयान जारी कर धर्माणी ने कहा कि पार्टी से त्यागपत्र तो उस नेता को देना चाहिए, जिसके परिजन नशे में संलिप्त पाए गए और उन पर केस दर्ज हुए। यहां तक कि किसी ने आत्महत्या तक कर ली। धर्माणी ने कहा कि अगर इतिहास को उठाकर देखें तो पुलिस की हिस्ट्री शीट में उनका नाम शामिल होगा। उन्होंने कहा कि यह वही नेता है जब एक बार पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने उन्हें हेलीकॉप्टर से उतरते ही खूब डांटा था। उन्हें सुधरने के लिए कहा था। उस बात को कोई भूला नहीं है। उन्होंने रामलाल ठाकुर को आश्वासन दिया कि इस समय जिला ही नहीं बल्कि प्रदेश के सभी नेता और कार्यकर्ता उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।
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