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आईजीएमसी के वार्ड में घुस गया बारिश का पानी
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हेडिंग
आईजीएमसी के सर्जरी वार्ड
में पानी घुसने से मरीज परेशान
सबहेड
बारिश के बाद छत से टपकता रहा पानी
क्रॉसर
मरीजों के बिस्तरों के आगे बाल्टी रखकर इकट्ठा किया पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) के सर्जरी वार्ड में शनिवार को बारिश का टपकने से मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। यहां पर बारिश का पानी छतों से रिसता हुआ वार्ड के भीतर जा पहुंचा। वार्ड में बारिश का पानी रिसने से कर्मियों को मरीजों के बिस्तरों के पास बाल्टियों को रखना पड़ा। एक बिस्तर को तो खाली करना पड़ा।
मामला शनिवार दोपहर बाद का है। अचानक हुई तेज बारिश के बाद पानी वार्डों में टपकना शुरू हो गया। मूसलाधार बारिश के चलते कुछ ही देर में वार्ड पानी से भरने लग गया। वार्ड के भीतर आए पानी को निकालने के लिए अस्पताल के कर्मियों को डस्टबिन के जरिये एक जगह पर इकट्ठा करना पड़ा।
अस्पताल में दाखिल मरीजों के तीमारदार रमेश और लक्की ने बताया कि प्रबंधन को चाहिए वह अस्पताल में छतों को ठीक करवाए। इसके अलावा पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था न होने से यह परेशानी पेश आती है। बताया कि आगे भी यही समस्या पेश आती है तो मरीजों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ सकती है। बरसात का मौसम है ऐसे में यहां पर सीलन से होने वाली बीमारियों के होने का अंदेशा भी बना रहता है। प्रबंधन को चाहिए कि वह अपनी खामियों को जल्द सुधारें ताकि मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी पेश न आए।
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आईजीएमसी के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता ने बताया कि वार्ड के भीतर बारिश का पानी आने की जानकारी उन्हें नहीं है। छतों से पानी का रिसाव होता है तो उसे दुरुस्त किया जाएगा।
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आईजीएमसी के सर्जरी वार्ड
में पानी घुसने से मरीज परेशान
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बारिश के बाद छत से टपकता रहा पानी
क्रॉसर
मरीजों के बिस्तरों के आगे बाल्टी रखकर इकट्ठा किया पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) के सर्जरी वार्ड में शनिवार को बारिश का टपकने से मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। यहां पर बारिश का पानी छतों से रिसता हुआ वार्ड के भीतर जा पहुंचा। वार्ड में बारिश का पानी रिसने से कर्मियों को मरीजों के बिस्तरों के पास बाल्टियों को रखना पड़ा। एक बिस्तर को तो खाली करना पड़ा।
मामला शनिवार दोपहर बाद का है। अचानक हुई तेज बारिश के बाद पानी वार्डों में टपकना शुरू हो गया। मूसलाधार बारिश के चलते कुछ ही देर में वार्ड पानी से भरने लग गया। वार्ड के भीतर आए पानी को निकालने के लिए अस्पताल के कर्मियों को डस्टबिन के जरिये एक जगह पर इकट्ठा करना पड़ा।
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अस्पताल में दाखिल मरीजों के तीमारदार रमेश और लक्की ने बताया कि प्रबंधन को चाहिए वह अस्पताल में छतों को ठीक करवाए। इसके अलावा पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था न होने से यह परेशानी पेश आती है। बताया कि आगे भी यही समस्या पेश आती है तो मरीजों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ सकती है। बरसात का मौसम है ऐसे में यहां पर सीलन से होने वाली बीमारियों के होने का अंदेशा भी बना रहता है। प्रबंधन को चाहिए कि वह अपनी खामियों को जल्द सुधारें ताकि मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी पेश न आए।
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आईजीएमसी के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता ने बताया कि वार्ड के भीतर बारिश का पानी आने की जानकारी उन्हें नहीं है। छतों से पानी का रिसाव होता है तो उसे दुरुस्त किया जाएगा।