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Shimla News: सेब की लाली पर बारिश की नमी से रोगों का ग्रहण

Wed, 17 Jun 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jun 2026 11:59 PM IST
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Rain-induced moisture puts apple blush at risk of disease.
लगातार बारिश से बढ़ा सेब की फसल में फंगल रोगों के फैलने का खतरा, विभाग ने जारी की एडवाजरी
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बागवानी विभाग ने दी दवा स्प्रे करने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिले में हो रही लगातार बारिश के कारण सेब के बगीचों में अल्टरनेरिया लीफ स्पॉट और लीफ फॉल रोग का खतरा बढ़ गया है। रोग के खतरे को देखते हुए बागवानी विभाग ने बागवानों के लिए एडवाइजरी जारी की है।

विभाग ने बागवानों को इससे बचने के लिए वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार अल्टरनेरिया रोग से सेब की पत्तियों पर भूरे धब्बे और काले धब्बे बनने लगते हैं। इसके संक्रमण के कारण पौधे से पत्तियां झड़ने लगती हैं और इसका असर फसल पर पड़ता है। बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार इसका प्रभाव फल के आकार, रंग और गुणवत्ता पर पड़ता है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बेमौसमी और भारी बरसात एवं बगीचों में अधिक नमी के कारण इस रोग के ज्यादा फैलने का खतरा बढ़ जाता है। विभाग ने बागवानों को रोग नियंत्रण के लिए वैज्ञानिक उपाय अपनाने की सलाह दी है। विशेषज्ञों ने बागवानों को सलाह दी है कि बागवान पुराने और संक्रमित पत्तों को हटाकर उसे नष्ट करें ताकि रोग का प्रसार न हो।
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बागवानी विशेषज्ञ ऊषा शर्मा ने कहा कि बगीचों की सुरक्षा के लिए मेटिरम 55 प्रतिशत और पायराक्लोस्ट्रोबिन 5 प्रतिशत, डब्ल्यूजी का 200 ग्राम, 200 लीटर पानी, फ्लूकैपिरॉक्साड और पायराक्लोस्ट्रोबिन एससी का 50 मिलीलीटर, फ्लूओपायराम और टेबुकोनाजोल एससी का 126 मिलीलीटर, डोडीन 40 प्रतिशत एससी का 150 मिलीलीटर तथा हेक्साकोनाजोल और जिनेब डब्ल्यूपी का 500 ग्राम प्रति 200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करने की सलाह दी है। विशेषज्ञों ने कहा कि पत्तियों की ऊपरी और निचली सतह पर अच्छी तरह स्प्रे करें ताकि दवा का पूरा प्रभाव मिल सके। इसके साथ ही आवश्यकता पड़ने पर 10 से 14 दिन के अंतराल के बाद दोबारा छिड़काव करने की भी सलाह दी है। सुबह और शाम के समय जब तेज हवा न चल रही हो तब दवा ज्यादा प्रभावी होती है।
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बिना सलाह के न करें दवा का प्रयोग

बागवानी विभाग ने चेताया है कि बिना सलाह के एक ही दवा का लगातार उपयोग करने से बचें। इससे रोग में प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो सकती है। इस कारण भविष्य में दवाओं का असर कम हो सकता है। विभाग ने सभी बागवानों से दवा के लेबल पर दिए निर्देशों का पालन करने और छिड़काव करने की सलाह दी है।



कोट
जिले में हो रही लगातार बारिश के कारण सेब के बगीचों में नमी बढ़ रही है। ज्यादा नमी के कारण बगीचों में अल्टरनेरिया लीफ स्पॉट और लीफ फॉल रोग का खतरा रहता है। विभाग ने इससे बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है। बागवानों विभाग की एडवाइजरी के अनुसार फफूंदनाशकों, कीटनाशकों और दवाओं का छिड़काव करें।

-ऊषा शर्मा, बागवानी विशेषज्ञ, बागवानी विभाग
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