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रघुनाथ मंदिर पर सीएम के ऐलान पर मचा घमासान

Wed, 25 Feb 2015 09:28 AM IST
Updated Wed, 25 Feb 2015 09:28 AM IST
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raghunath temple: maheshwar singh protest againest trust.

मूर्ति चोरी को लेकर चर्चा में रहे रघुनाथ मंदिर का ट्रस्ट बनाने की मुहिम पर विवाद खड़ा हो गया है। सुरक्षा का हवाला देकर प्रदेश सरकार मंदिर का ट्रस्ट बनाने की बात कर रही है तो दूसरी ओर कुल्लू घाटी के अधिष्ठाता देव रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह मंदिर को निजी संपत्ति बताकर इसका विरोध कर रहे हैं।

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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि कुल्लू के रघुनाथ मंदिर पर सरकार रिस्क नहीं ले सकती है। सुरक्षा कारणों से कुल्लू में ट्रस्ट बनाना और उसका ठीक से चलाना जरूरी है। कहा कि सराहन का भीमाकाली मंदिर भी तो उनका फेमिली टेंपल रहा है।
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इसके आसपास पुराने महल आज भी हैं। इसे भी सरकारी अधिग्रहण में लिया गया। मुख्यमंत्री मंगलवार को शिमला स्थित सचिवालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे।

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इसलिए ट्रस्ट बनाना चाहती है सरकार

raghunath temple: maheshwar singh protest againest trust.

क्या महेश्वर सिंह की पार्टी हिलोपा के नेताओं के विरोध के बावजूद मंदिर का अधिग्रहण करने की तैयारी चल रही है? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके परिवार के लोग ऐसा करने पर सहमत हैं।

रघुनाथ मंदिर कुल्लू जिले के लोगों की आस्था का केंद्र है। इसकी सेंटीमेंटल वैल्यू है। वह नहीं चाहते कि ऐसा यहां दोबारा हो। यहां दो बार चोरी के प्रयास हुए। दूसरी बार तो चोर कामयाब भी हो गए। छत तोड़कर मंदिर से मूर्ति चुरा ले गए।

उन्होंने एक बार फिर पुलिस को बधाई दी कि नाकाबंदी के कारण चोर मूर्तियां कुल्लू से बाहर नहीं ले जा सका। नहीं तो मूर्तियां जेब में डालकर भी चोर बाहर भाग जाता। इससे पकड़ने में आसानी हुई।

पशु बलि पर ये बोले सीएम

raghunath temple: maheshwar singh protest againest trust.

पशु बलि पर रोक के मामले में मुख्यमंत्री बोले कि यह मामला सोसाइटी पर छोड़ देना चाहिए। मंदिरों में बलि रोक भी दी जाए तो भी लोग घरों में पूजा-पाठ में बकरे काटना बंद थोड़े ही करेंगे।

यही मामला बकरीद पर भी अप्लाई होता है। हिमाचल में कोई नरबलि तो नहीं हो रही है। किसी भी परंपरा में अपने-आप सुधार होता जाता है। अब बकरे यूं भी इतने महंगे हो गए हैं कि इन्हें आर्थिक कारणों से लोग कम खरीद रहे हैं।

इनकी संख्या भी बहुत घट गई है। लोग अब बकरों की जगह पेठों की बलि देने लगे हैं।

किसी भी हाल में नहीं बनने दिया जाएगा ट्रस्ट : महेश्वर

raghunath temple: maheshwar singh protest againest trust.

वहीं, रघुनाथ मंदिर की सुरक्षा को लेकर कड़े प्रबंध किए जा रहे हैं। मंदिर निजी संपत्ति है। इसे किसी भी हाल में ट्रस्ट बनने नहीं दिया जाएगा। यह कहना है अधिष्ठाता भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह का।

उन्होंने कहा कि वह दो-तीन दिन में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मिलेंगे। उनसे पूरी स्थिति स्पष्ट करने को कहा जाएगा कि आखिर वह चाहते क्या हैं। रघुनाथ मंदिर से आठ दिसंबर की रात को चोर भगवान रघुनाथ, शालीग्राम, नार सिंह, गणेश और शालीग्राम की मूर्तियां चुरा ले गए थे।

इसके बाद मंदिर की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए थे। 45 दिन बाद मूर्तियां मिलीं। इसके बाद सीएम ने मंदिर को ट्रस्ट बनाने की बात कही।

महेश्वर सिंह ने दी चेतावनी

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हाल ही में कुल्लू दौरे के दौरान भी सीएम ने महेश्वर सिंह को मंच से मंदिर की सुरक्षा को लेकर नसीहत दी और कहा कि वह चाहते हैं कि मंदिर को ट्रस्ट बनाया जाए। उससे अगले दिन सीएम ने रघुनाथ मंदिर में माथा टेका और कहा कि सरकार मंदिर को ट्रस्ट बनाने पर गौर कर रही है।

हालांकि, कई लोगों ने सीएम के इस बयान का स्वागत किया। वहीं, राज परिवार ने इस पर कड़ा विरोध जताया है। महेश्वर सिंह कहते हैं कि 1600 ई. में उनके परिवार के सदस्य भगवान रघुनाथ को अयोध्या से कुल्लू लाए थे।

इसके बाद राज भगवंत सिंह के शासन के दौरान कोर्ट से भी फैसला उनके पक्ष में आया है। कोर्ट ने भगवान रघुनाथ मंदिर को राजा भगवंत सिंह की संपत्ति बताया है। उन्होंने साफ किया है वह मंदिर को किसी भी हाल में ट्रस्ट नहीं बनेंगे देंगे।

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