फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Raghunath Temple acquisition, Maheshwar singh petition at High Court.

रघुनाथ मंदिर के अधिग्रहण के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे महेश्वर

Sat, 30 Jul 2016 09:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 30 Jul 2016 09:40 AM IST
विज्ञापन
Raghunath Temple acquisition, Maheshwar singh petition at High Court.

प्रदेश सरकार की ओर से कुल्लू के प्रसिद्ध रघुनाथ मंदिर के अधिग्रहण के खिलाफ मुख्य छड़ीबरदार और स्थानीय विधायक महेश्वर सिंह हिमाचल हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। शुक्रवार दोपहर बाद महेश्वर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रघुनाथ मंदिर के अधिग्रहण की अधिसूचना रद्द करने की गुहार लगाई है।

विज्ञापन


महेश्वर सिंह की याचिका पर सोमवार को कोर्ट में सुनवाई हो सकती है। हाईकोर्ट में याचिका दायर करने के बाद मंदिर के छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार ने मंदिर का अधिग्रहण करने के आदेश जारी करने से पहले उन्हें किसी भी प्रकार की अपील और दलील करने का मौका नहीं दिया।
विज्ञापन


यह मंदिर उनके परिवार की निजी संपत्ति है। सरकार ने नोटिस जारी कर दो अगस्त तक मंदिर के तमाम सामान की जानकारी प्रशासन को उपलब्ध करवाने का नोटिस दिया है। ऐसे में अब उनके पास हाईकोर्ट जाने का ही विकल्प बचा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

महेश्वर के घर के परिसर में है मंदिर

Raghunath Temple acquisition, Maheshwar singh petition at High Court.

रघुनाथ मंदिर कुल्लू राजघराने से संबंधित है। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में भगवान रघुनाथ की अधिष्ठाता देव के रूप में पूजा अर्चना होती है। हिलोपा विधायक एवं कुल्लू के राजघराने से संबंधित महेश्वर सिंह रघुनाथ के छड़ीबरदार हैं। मुख्य मंदिर महेश्वर के घर के परिसर में है। दशहरा उत्सव में सभी परंपराएं महेश्वर सिंह और उनका परिवार निभाता है।

श्रीरघुनाथजी मंदिर न्यास का गठन, एसडीएम चेयरमैन
प्रदेश सरकार ने मंदिर अधिग्रहण के आदेश के साथ ही श्रीरघुनाथजी मंदिर न्यास का गठन भी कर दिया है। एसडीएम कुल्लू रोहित राठौर को ट्रस्ट का चेयरमैन बनाया गया है। उपायुक्त कुल्लू हंसराज चौहान को ट्रस्ट का आयुक्त नियुक्त किया है। इसके अलावा 8 सरकारी और 8 ही गैर सरकारी सदस्य शामिल किए गए हैं।

रघुनाथ मंदिर अधिग्रहण के खिलाफ देवसमाज एकजुट

Raghunath Temple acquisition, Maheshwar singh petition at High Court.

रघुनाथ मंदिर के अधिग्रहण के खिलाफ देवसमाज एकजुट हो गया है। जिला देवी- देवता कारदार संघ ने अधिग्रहण को गलत बताया है। कारदारों के हस्ताक्षरों को गलत तरीके से पेश कर सरकार को भी गुमराह करने का आरोप लगाया। जिला देवी-देवता कारदार संघ का कहना है गत वर्ष आनी में जिला भाषा विभाग ने रिवोल्विंग फंड के बारे में कारदारों के लिए कार्यशाला लगाई थी।

इसमें आनी-निरमंड कारदार संघ के करीब तीन दर्जन कारदारों ने एक कागज पर हस्ताक्षर किए थे। कार्यशाला में मात्र रिवोल्विंग फंड को लेकर जानकारी दी गई, जबकि रघुनाथ मंदिर अधिग्रहण को लेकर न तो चर्चा हुई न ही यह कार्यक्रम का एजेंडा था।

जिला देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर, सह सचिव भागेराम राणा, निरमंड खंड के महासचिव पुष्पेंद्र शर्मा, जिला संघ के कोषाध्यक्ष सालीगराम, झाबेराम ठाकुर, राजकुमार महंत, खंड प्रधान मणिकर्ण हीरालाल, प्रकाश ठाकुर तथा प्रीतम गुलेरिया ने कहा कि रघुनाथ मंदिर अधिग्रहण को भेजे गए प्रस्तावों में गलत तरीके से संघ के कारदारों को हस्ताक्षरों को पेश किया है। संघ की ऐसी कोई भी मंशा नहीं है।

दोतराम ठाकुर ने कहा कि एक अगस्त को देवसदन में जिला देवी-देवता कारदार संघ की बैठक होगी। इसमें रघुनाथ मंदिर अधिग्रहण को लेकर सरकार को पेश किए कारदारों के गलत हस्ताक्षरों को लेकर चर्चा कर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।

हमने भी तो सरकार को दिया है भीमाकाली मंदिर : विक्रमादित्य

Raghunath Temple acquisition, Maheshwar singh petition at High Court.

कुल्लू के प्रसिद्ध रघुनाथ मंदिर को सरकार के अधीन लेने के फैसले पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह भी इसमें कूद गए। कहा कि उन्होंने भी सराहन स्थित भीमाकाली मंदिर को सरकार को सौंप दिया है।

पत्रकारों से बातचीत में कहा कि रघुनाथ मंदिर के सरकार की ओर से अधिग्रहण करने को राजनीतिक रूप न दिया जाए। परोक्ष रूप से हिलोपा विधायक एवं भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह पर हमला बोलते हुए कहा कि बरसों से कुल्लू में देवताओं के नाम पर राजनीति होती रही है।

यह गलत परंपरा है। सरकार ने सिर्फ प्रबंधन को अपने अधीन किया है। ट्रस्ट और मंदिर के ट्रस्टियों को नहीं बदला जा रहा है। कहा कि दशहरा जैसे त्योहारों की जिम्मेदारी पहले भी जिला प्रशासन और सरकार संभालती थी। ऐसे में मंदिर की बेहतर देखभाल और सुरक्षा व्यवस्था के लिए उसे अधिग्रहीत करना गलत नहीं है। वहीं, ईडी की कार्रवाई पर भी उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों को आड़े हाथों लिया।

कहा कि ईडी आज की डेट में वित्त मंत्री अरुण जेटली के हाथों की कठपुतली बनी हुई है। यही कारण है कि केंद्र सिर्फ कांग्रेस सरकारों और उनके नेताओं के खिलाफ असंवैधानिक कार्रवाई कर रही है। उनके पिता का मामला सिर्फ आयकर विभाग से जुड़ा मामला है। राजनीतिक द्वेष की वजह से इस मामले में तीन तीन एजेंसियों से जांच कराकर परेशान करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि उनका परिवार किसी भी कीमत पर केंद्र के इन हथकंडों के आगे नहीं झुकेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed