एचपीयू के नए ड्रेस कोड पर सवाल, 1100 रुपये लेकर मेधावियों को थमा दिए पुराने कपड़े
प्रदेश विवि के दीक्षांत समारोह में नया ड्रेस कोड सवालों के घेरे में है। नए कोड में मेधावियों को पुराने कपड़े ही थमा दिए गए हैं। मेधावियों ने खुद इसका खुलासा किया। मेधावियों ने पहाड़ी टोपी को ड्रेस में शामिल किए जाने का स्वागत किया लेकिन जल्दबाजी में यह बदलाव कर सिर्फ खादी की जैकेट और एक पटके को शामिल किया जाना इन्हें पसंद नहीं आया। अधिकतर ने यही कहा कि सालों की मेहनत के बाद मिलने वाली डिग्री और गोल्ड मेडल को मुख्य अतिथि के हाथों पाने के दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
मगर यहां जो ड्रेस तय की गई है, उसमें वो मजा नहीं आएगा, जो दीक्षांत समारोह में आना चाहिए। मेधावियों से बात करने पर अलग अलग प्रतिक्रिया सामने आई। जिसमेें कुछ ने कहा कि पहाड़ी टोपी में प्रयोग की गई सामग्री सस्ती है। मफलर जो दिया गया है, उसमें भी पहले किसी और संस्थान का लोगोे लगाए जाने के निशान साफ नजर आ रहे थे। कुछ ने कहा कि समारोह में ठंड बढ़ जाने के बावजूद खादी की बिना कॉलर की जैकेट दी गई है। इसके अंदर सिर्फ स्वैटर ही मान्य होगा।
एक हजार रुपये ही होंगे वापस
दीक्षांत समारोह में ड्रेस के नाम पर दिए गए तीन कपड़ों की सिक्योरिटी के रूप में ग्यारह सौ रुपये लिए गए। इसकी रसीद भी एक सादे कागज पर सिर्फ एक नंबर लिखकर मेधावियों को थमा दी गई। ये यदि खो भी जाए तो मेधावी के ग्यारह सौ रुपये शायद ही लौटाए जाएं। इस ग्यारह सौ में से 90 रुपये ड्रेस के चार्जेज के रूप में रख लिए जाएंगे। 1001 रुपये लौटाने की बात कही गई है।
दीक्षांत समारोह आज, अब 383 मेधावी ही नवाजे जाएंगे
विश्वविद्यालय का 25वां दीक्षांत समारोह आज होने जा रहा है। इसमें केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर समारोह में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में और केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर भी इस दौरान मौजूद रहेंगे। वीरवार को सुबह दस बजे से एक बजे तक समारोह में सम्मानित होने वाले मेधावियों और शिक्षकों की रिहर्सल की प्रक्रिया पूरी करवाई गई।
विवि के जन संपर्क अधिकारी डॉ. रणवीर वर्मा और वरिष्ठ शिक्षकों की देखरेख में रिहर्सल हुई। हालांकि, ड्रेस को लेने के लिए मेधावियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। पहली बार डिग्री की रोब्स ड्रेस को बदलकर ईसी के फैसले के मुताबिक पहाड़ी टोपी, खादी जैकेट और विवि के लोगो का मफलर तय सिक्योरिटी जमा करवाने पर वितरित किया गया। इसे पहनकर शुक्रवार को मेधावी डिग्री और गोल्ड मेडल प्राप्त करेंगे।
रिहर्सल में 448 में से 383 रहे मौजूद
पूर्वाभ्यास में एक डिलिट, 124 में से 107 गोल्ड मेडलिस्ट और 323 में से 275 पीएचडी ही पहुंचे थे। अब इन्हीं छात्र और छात्राओं को दीक्षांत समारोह में नवाजा जाएगा। विवि के जन संपर्क अधिकारी डा. रणवीर वर्मा का कहना है कि इन्हीं को दीक्षांत समारोह में आने की अनुमति होगी।