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सात दिन गायब रहे, फोटोग्राफी करवाने के लिए पकड़ ली झाड़ू
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 18 Sep 2017 01:44 PM IST
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राजधानी में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच पीएम मोदी के स्वच्छ भारत का नारा देने वाले नेता और कार्यकर्ता भी अचानक गायब हो गए हैं। हर हफ्ते झाड़ू उठाकर सफाई अभियान चलाने वाले ये कार्यकर्ता जरूरत के समय फील्ड में नहीं दिख रहे। सात दिन से जारी हड़ताल के बीच शहर के बाजारों और वार्डों में कूड़ा बिखरा पड़ा है।
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लेकिन इसे साफ करने के लिए न तो कोई अभियान चला और न किसी ने पहल की। पीएम मोदी के जन्मदिन पर रविवार को इन नेताओं और कार्यकर्ताओं में जोश एक बार फिर जाग उठा। हालांकि, अधिकतर कार्यकर्ता महज फोटोग्राफी के लिए सफाई करते नजर आए। मेयर, डिप्टी मेयर के साथ भाजपा पार्षद भी आगे आए।
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गिने चुने वार्डों में सफाई अभियान भी चलाया। लोग हैरान थे कि पिछले सात दिन आखिर ये अभियान क्यों नहीं छेड़ा गया। क्या पीएम के कहने या उन्हें दिखाने भर के लिए ऐसे अभियान चलते हैं। खैर शहरवासियों ने खुद ही घरों से बाहर निकलकर सफाई अभियान छेड़ दिया है। मशोबरा की नेरी पंचायत और छावनी परिषद जतोग ने खुद ही सफाई अभियान शुरू कर दिया है।
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कूड़े में बदली सब्जी मंडी, कलेक्शन प्वाइंट पर बिखरा कूड़ा
शहर की सब्जी मंडी कूड़े के ढेर में बदल गई है। रविवार को मंडी में हर तरफ गंदगी फैली रही। दुकानदार तो परेशान रहे ही, साथ ही यहां खरीदारी करने पहुंचे शहरवासियों को भी इससे बचते बचाते चलना पड़ा। मंडी में जगह जगह कूड़े के ढेर जमा थे जिन्हें उठाने के लिए कोई गाड़ी नहीं पहुंची। लोअर बाजार, राम बाजार और बस स्टैंड में भी कूड़े के ढेर देखने को मिले। शहर के तकरीबन सभी वार्डों में निगम ने जो कलेक्शन प्वाइंट बनाए थे वहां अब गंदगी के ढेर जमा हो गए हैं। कुत्ते और बंदर इस कूड़े को यहां वहां बिखेर रहे हैं। कनलोग में रविवार दिन भर कूडे़ के ढेर लगे रहे। विकास नगर में कूड़े से जब डस्टबिन भर गया तो लोगों ने उसमें आग लगा दी। न्यू शिमला में क्लेक्शन प्वाइंट का कूड़ा सड़क पर बिखर गया। लोअर खलीणी और झंझीणी में निगम की गाड़ी नहीं पहुंच रही। लोग नाले में कूड़ा फेंकने को मजबूर है। पंथाघाटी, कसुम्पटी, समरहिल, संजौली, ढली, छोटा शिमला की सरकारी कॉलोनियों के भीतर डस्टबिन भरने से बंदरों का आतंक भी बढ़ गया है।
लोग परेशान, खुद ही सफाई में जुटे
शिमला। शहर के कई वार्डों में लोग खुद ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने में जुट गए हैं। मशोबरा की नेरी पंचायत से निगम ने तीन माह पहले ही गारबेज क्लेक्शन शुरू किया था, लेकिन सात दिन से कोई कर्मी कूड़ा लेने नहीं आया तो स्थानीय लोग पंचायत प्रधान देवेंद्र ठाकुर के साथ खुद ही सफाई में जुट गए। रविवार को घरों, रास्तों की सफाई कर कूड़ा एक जगह जमा कर दिया। जतोग छावनी में भी कर्मचारियों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर सफाई अभियान चलाया।