लोक निर्माण विभाग ने सड़कों के रखरखाव के लिए फील्ड में उतारे अफसर
लोक निर्माण विभाग के अफसरों को फील्ड में जाकर सड़क की गुणवत्ता की परख करनी होगी। सड़कों में लगाए जा रहे डंगे, पैरापिट, बरसात के पानी के लिए बनाई गईं निकास नालियां और कलवट लगाए जाने की मॉनीटरिंग खुद अफसरों को करनी होगी।
जूनियर इंजीनियरों के अलावा सहायक अभियंता और अधिशासी अभियंता समय-समय पर मौके का निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में सोमवार को हुई लोक निर्माण विभाग के अफसरों की बैठक में यह फैसला लिया गया।
बरसात के चलते सरकार ने सड़कों की टारिंग पर रोक लगाई है। अब सरकार सड़कों के रखरखाव पर ही फोकस कर रही है। सरकार ने सड़क पर डंगे गिरने व यातायात बाधित रहने की सूचना देने के लिए लोक निर्माण विभाग कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।
फेज-2 में 1250 किलोमीटर बनेंगी नई सड़कें
सब डिविजन और डिविजन स्तर के अफसरों को प्रतिदिन सड़कें खराब होने की सूचना कंट्रोल रूम में देने को कहा गया है।लोक निर्माण विभाग का मानना है कि बर्फबारी की अपेक्षा हिमाचल में अकसर बरसात में ज्यादा सड़कें खराब होती हैं। नालियां और कलवट बंद होने से पानी सड़कों के ऊपर से बहता है। इससे सड़कों की टारिंग के साथ किनारों पर लगाए गए डंगों के गिरने की संभावना रहती है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस वर्ष 2520 किलोमीटर नई सड़कों के निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-2 के तहत 1250 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा। राज्य की कुल 3226 पंचायतों में से 3131 पंचायतों को सड़क सुविधा से जोड़ा जा चुकी है, जबकि प्रदेश की 18, 711 बस्तियों में से 13782 बस्तियों को सड़क सुविधा मुहैया कराई गई है।