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Shimla News: एमआईएस के तहत 50 केंद्रों पर सेब की खरीद शुरू
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एचपीएमसी इस साल 263 केंद्रों पर करेगा सेब खरीद, बीते साल बनाए थे 315 खरीद केंद्र
12 रुपये प्रतिकिलो मिलेंगे बागवानों को दाम
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिले के निचले और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन प्रसंस्करण (एचपीएमसी) ने एमआईएस (मंडी मध्यस्थता योजना) के तहत सेब की खरीद शुरू कर दी है। इसके लिए एचपीएमसी ने 50 खरीद केंद्र खोले हैं। एक अगस्त तक 400 मीट्रिक टन की सेब की खरीद हो गई है।
बागवानों से 12 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से सेब खरीदा जा रहा है। इस वर्ष एचपीएमसी 263 केंद्रों पर ही सेब की खरीद करेगा। इस साल केवल एक ही एजेंसी को यह काम सौंपा है। बीते साल 315 केंद्रों पर एमआईएस के तहत सेब की खरीद की जा रही थी। अभी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब सीजन पूरी तरह से शुरू नहीं हुआ है, ऐसे में आने वाले दिनों में अन्य केंद्रों पर भी सेब की खरीद शुरू कर दी जाएगी। पराला में बनाए गए प्लांट में एचपीएमसी ने सेब की प्रोसेसिंग भी शुरू कर दी है। इस सेब का इस्तेमाल एप्पल कंस्ट्रेट, जूस, जैम, वाइन और आरटीएस जूस बनाने के लिए किया जाएगा। एचपीएमसी के उत्पादों की बाजार में मांग बढ़ रही है। बीते साल से एचपीएमसी ने अमेजॉन पर भी अपने उत्पादों को बेचना शुरू कर दिया है।
40 मिट्रिक टन सेब खरीदना लक्ष्य
बीते वर्ष एचपीएमसी ने करीब 25 हजार मिट्रिक टन सेब की खरीद की थी। इस वर्ष करीब 40 हजार मिट्रिक टन सेब खरीदने का लक्ष्य रखा है। सेब का इस्तेमाल उत्पाद बनाने में किया जाएगा। सरकार से पैसा मिलने पर बागवानों को उनके सेब के पैसे दे दिए जाएंगे। विकल्प के तौर पर औजार और उपकरण भी दिए जाते हैं।
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-सुरेश कुमार मोक्टा, प्रबंध निदेशक, एचपीएमसी
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12 रुपये प्रतिकिलो मिलेंगे बागवानों को दाम
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिले के निचले और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन प्रसंस्करण (एचपीएमसी) ने एमआईएस (मंडी मध्यस्थता योजना) के तहत सेब की खरीद शुरू कर दी है। इसके लिए एचपीएमसी ने 50 खरीद केंद्र खोले हैं। एक अगस्त तक 400 मीट्रिक टन की सेब की खरीद हो गई है।
बागवानों से 12 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से सेब खरीदा जा रहा है। इस वर्ष एचपीएमसी 263 केंद्रों पर ही सेब की खरीद करेगा। इस साल केवल एक ही एजेंसी को यह काम सौंपा है। बीते साल 315 केंद्रों पर एमआईएस के तहत सेब की खरीद की जा रही थी। अभी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब सीजन पूरी तरह से शुरू नहीं हुआ है, ऐसे में आने वाले दिनों में अन्य केंद्रों पर भी सेब की खरीद शुरू कर दी जाएगी। पराला में बनाए गए प्लांट में एचपीएमसी ने सेब की प्रोसेसिंग भी शुरू कर दी है। इस सेब का इस्तेमाल एप्पल कंस्ट्रेट, जूस, जैम, वाइन और आरटीएस जूस बनाने के लिए किया जाएगा। एचपीएमसी के उत्पादों की बाजार में मांग बढ़ रही है। बीते साल से एचपीएमसी ने अमेजॉन पर भी अपने उत्पादों को बेचना शुरू कर दिया है।
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40 मिट्रिक टन सेब खरीदना लक्ष्य
बीते वर्ष एचपीएमसी ने करीब 25 हजार मिट्रिक टन सेब की खरीद की थी। इस वर्ष करीब 40 हजार मिट्रिक टन सेब खरीदने का लक्ष्य रखा है। सेब का इस्तेमाल उत्पाद बनाने में किया जाएगा। सरकार से पैसा मिलने पर बागवानों को उनके सेब के पैसे दे दिए जाएंगे। विकल्प के तौर पर औजार और उपकरण भी दिए जाते हैं।
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-सुरेश कुमार मोक्टा, प्रबंध निदेशक, एचपीएमसी