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पीटीए शिक्षकों को नहीं मिली राहत, सीएम ने दिया सिर्फ आश्वासन

Mon, 08 May 2017 10:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 08 May 2017 10:25 AM IST
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PTA Teachers Meeting with Virbhadra Singh at Peterhoff Shimla.

शिमला के पीटरहॉफ में हुए राज्य स्तरीय पीटीए अनुबंध शिक्षक संघ के अधिवेशन में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कोई बड़ा एलान तो नहीं किया। हालांकि, उन्हें कानूनी जंग जीतने की जरूर सलाह दी। उन्होंने कहा कि सरकार कानून के दायरे में रहकर ही कोई समाधान निकाल सकती है।

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पीटीए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से सशक्त नियमितीकरण की मांग कर रहे थे।  सीएम ने कहा कि कोर्ट केस तलवारों की धारों से नहीं, तर्कों से ही जीते जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पीटीए एवं अनुबंध शिक्षक संघ ने जो भी सुझाव दिए हैं, सरकार इस पर गंभीरता से विचार करेगी।
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लेकिन सरकार ऐसा कोई कार्य नहीं करेगी, जो कोर्ट की अवमानना समझा जाए। उन्होंने पीटीए केस को उलझाने के लिए पूर्व भाजपा सरकार को जिम्मेवार ठहराया। उन्होंने कहा कि तब सरकार चाहती तो दो मिनट में समाधान हो सकता था। लेकिन भाजपा ने पीटीए शिक्षकों पर घोड़े दौड़ाए गए। 
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इससे पूर्व युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने पीटीए शिक्षकों की जोरदार पैरवी की। उन्होंने पीटीए के बहाने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल पर भी तीखे वार किए। उन्होंने आरोप लगाया कि धूमल ने हमेशा ही जातिवाद, क्षेत्रवाद और धर्म की राजनीति की।

उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने पीटीए शिक्षकों की एक इंच भी फाइल आगे नहीं बढ़ाई। उल्टे इनको प्रताड़ित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को पीटीए का फाउंडर करार दिया। जबकि संघ के अध्यक्ष विवेक मेहता ने उन्हें पीटीए का ‘फादर’ तक कहा।

पीटरहॉफ में ऐसे चला ड्रामा

PTA Teachers Meeting with Virbhadra Singh at Peterhoff Shimla.

अधिवेशन में पहले सीएम के पक्ष में जोरदार नारेबाजी हुई। मंच पर सीएम की ओर से घोषणा न होने से शिक्षकों में मायूसी छा गई। सीएम पीटरहॉफ के भीतर चले गए। लेकिन बाहर उन्हें मनाने का दौर चला।

कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष एसएस जोगटा ने एलान किया कि सरकार एक महीने के भीतर केस एग्जामिन करेगी। इससे शिक्षक और भड़क गए। जोगटा फिर से मंच पर आए। असल में शिक्षक सरकार के मुखिया से कोई न कोई समाधान चाह रहे थे। वे यहां हजारों की तादाद में जुटे भी थे। 

वरिष्ठ मंत्री विद्या स्टोक्स, मुख्य संसदीय सचिव मनसा राम, अन्य सन्निर्माण व कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष बाबा हरदीप सिंह, एपीएमसी शिमला के अध्यक्ष, महेंद्र स्तान, राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष, एसएस जोगटा, महासचिव शिशुपाल गाजटा, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा मनमोहन शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।            

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