पढ़िए, खेल बिल पर सदन में कैसे मचा हंगामा?
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा में वीरवार को भारी हंगामे के बीच स्पोर्ट्स बिल पारित कर दिया गया। विधेयक का विरोध कर रहे भाजपा विधायक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। बिल पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल में तीखी नोकझोंक भी हुई। बिल पारित होने पर अब एचपीसीए समेत 42 खेल संघ इस विधेयक के दायरे में आ गए हैं।
सदन में विधेयक पर चर्चा के दौरान वीरभद्र और धूमल एक-दूसरे पर जमकर बरसे। दोनों बार-बार खडे़ होकर एक-दूसरे की ओर लगातार उंगलियां उठाते रहे। तीखी नोकझोंक के बीच सदन में जमकर हंगामा हुआ। सत्ता पक्ष जहां भोजनावकाश से पहले चर्चा का समापन कर इस विधेयक को पारित करने के लिए अड़ा रहा, वहीं विपक्ष के सदस्य भोजनावकाश के बाद ही इस पर चर्चा के लिए दबाव बनाते रहे।
विधानसभा में हुई नारेबाजी
विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल के हस्तक्षेप के बावजूद विपक्ष के सदस्य जमकर हंगामा करते रहे। पहले स्पीकर बृज बिहारी लाल बुटेल विपक्ष को शांत होने और चर्चा जारी रखने के लिए कहते रहे, मगर जब हंगामा थमा नहीं तो उन्होंने चेतावनी देने के बाद इस विधेयक को पारित करने की मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस विधेयक को पारित करने का प्रस्ताव रखा तो विपक्ष के सदस्य नारेबाजी करते हुए वेल की ओर बढ़ गए।
वे मुख्यमंत्री के समक्ष खडे़ होकर तालियां बजाते हुए ‘गुंडागर्दी हाय-हाय’, ‘तानाशाही नहीं चलेगी’, ‘सरकारी गुंडे नहीं चलेंगे’ जैसे नारे लगाते रहे। सत्ता पक्ष ने विपक्ष के भारी विरोध के बीच ही इस विधेयक को ध्वनि मत से पारित कर दिया। विधानसभा में पारित होने के बाद ये विधेयक अब राज्यपाल के पास मंजूरी को भेजा जाएगा।