दुकान में चरस रखने के आरोप में फंसी पुलिस, लोगों ने किया बवाल, चक्का जाम
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हिमाचल के जिला हमीरपुर की पुलिस संगीन आरोपों में घिर गई है। पुलिस थाना भोरंज की टीम पर बिरड़ी बाजार स्थित एक दुकानदार को जबरदस्ती एनडीपीएस केस में फंसाने के आरोप लगे हैं। आरोप है कि बुधवार दोपहर टीम ने छापामारी के दौरान सब्जी बिक्रेता को फंसाने के लिए खुद चरस रख दी।
इलाके के पंचायत उपप्रधान ने बयान दिया है पुलिस कर्मी को उन्होंने खुद ऐसा करते देखा। ईमानदार दुकानदार को बेवजह फंसता देख सैकड़ों लोगों ने पुलिस टीम को टीम घेर लिया और करीब छह घंटे तक झनिकर-कैहरवीं-ताल सड़क मार्ग पर चक्का जाम किया।
विवाद काफी बढ़ने और मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम भोरंज एसके पराशर, तहसीलदार संजय कुमार, डीएसपी अशोक वर्मा और एसएचओ मुकेश कुमार समेत प्रशासन मौके पर पहुंचा। एसडीएम के जांच के आश्वासन के बाद लोग शांत हुए।
पुलिसकर्मी ने चुपके से छिपाई चरस, मगर प्रधान ने देख लिया
दुकानदार राकेश कुमार, कैहरवीं पंचायत के उप्रधान राकेश सिंह, जिला परिषद सदस्य पवन कुमार, संतोष कुमार, रीता देवी समेत अन्य लोगों ने बताया कि राकेश कुमार कई सालों से बिरड़ी बाजार में मुर्गा मीट की दुकान करता है। जबकि उसकी पत्नी रीता देवी साथ ही सब्जी की दुकान करती हैं।
बुधवार दोपहर एक बजे पुलिस थाना भोरंज से एसआई अवतार सिंह की अगुवाई में आधा दर्जन पुलिस कर्मचारी बिरड़ी बाजार आए। पुलिस के साथ कैहरवीं पंचायत के उपप्रधान राकेश सिंह भी मौजूद थे। पुलिस टीम ने मीट शॉप और सब्जी की दुकान की चेकिंग की।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जब दोनों दुकानों से कुछ भी हासिल नहीं हुआ तो एक पुलिस जवान ने चुपके से सब्जी के बीच चरस छुपा दी और जोर-जोर से चिल्लाने लगा कि चरस मिल गई। लेकिन पंचायत उपप्रधान ने पुलिस जवान को चरस छुपाते देख लिया था। उन्होंने इसका विरोध किया। मामला गर्माने पर आसपास के ग्रामीणों ने सड़क पर चक्का जाम कर दिया।
स्थानीय पुलिस से जांच न करवाने की मांग पर अड़े लोग
दुकानदार राकेश कुमार, कैहरवीं पंचायत के उप्रधान राकेश सिंह, जिला परिषद सदस्य पवन कुमार, संतोष कुमार, रीता छेवी ने कहा कि इस मामले की जांच भोरंज पुलिस थाना के किसी भी अधिकारी से न करवाई जाए। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस को दुकान पर चरस रखते नहीं देखते तो बेवजह एक ईमानदार व्यक्ति को एनडीपीएस के झूठे केस में सजा हो जाती।
सब्जी विक्रेता और पंचायत के उपप्रधान के बयान कलबद्ध कर लिए गए हैं। लेकिन सवाल यह है कि सब्जी की दुकान पर चरस आई कहां से। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।-अशोक वर्मा, डीएसपी बड़सर।
दुकान पर चरस मिलने पर ग्रामीणों ने चक्का जाम कर दिया था। सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। लोगों को आश्वासन दिया गया है कि पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच करेगी।-एसके पराशर, एसडीएम, भोरंज।