लोगों के करोड़ों बटोरकर निजी कंपनी गायब, ऐसे चलता था कारोबार
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घर बैठे हर महीने पांच हजार रुपये कमाने का झांसा देकर निजी कंपनी के संचालक लोगों के करोड़ों रुपये बटोरकर फरार हो गए हैं। मंगलवार सुबह जब लोगों को ऊना कॉलेज के नजदीक कंपनी कार्यालय में ताले होने और संचालकों के फरार होने की भनक लगी तो उन्होंने खूब हंगामा किया।
गुस्साए सैकड़ों लोगों ने दफ्तर में तोड़फोड़ की और जो सामान हाथ लगा उसे ले गए। इसके बाद ठगी के शिकार लोगों ने ऊना थाना पहुंचकर शिकायत दी। दोपहर बाद लोग एसपी कार्यालय पहुंच गए।
उधर, एसपी दिवाकर शर्मा ने बताया कि पुलिस ने हरियाणा के तीन कंपनी संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। निजी इंडिया एडवर्टीजमेंट सर्विस कंपनी ने करीब 70 हजार लोगों को यूजर आईडी दिए थे।
लोगों को घर बैठे मोबाइल से करने थे एसएमएस
इसके बदले हर माह पांच हजार देने का झांसा दिया। शुरुआती दौर में कंपनी ने कुछ लोगों को पैसे दिए, लेकिन अब अचानक हजारों लोगों के पैसे डकारकर कंपनी के नुमाइंदे बोरिया बिस्तर समेट फरार हो गए हैं।
ऐसे चलता था कारोबार
ऊना कॉलेज के समीप एक कंपनी काफी समय से मोबाइल एसएमएस करने के नाम पर लोगों को रोजगार दे रही थी। कंपनी से तीन हजार रुपये में आईडी लेने पर 70 दिन के बाद पांच हजार रुपये प्रतिमाह मिलते थे।
प्रदेश सहित बाहरी राज्यों से भी लोग कंपनी के साथ जुड़ने लगे। कई लोगों ने लालच में आकर 10 से 500 आईडी तक खरीद लीं। यहां तक लोगों ने आईडी लेने के लिए अपने गहने तक बेच दिए।
कइयों ने फ्रेंचाइजी लेकर ऑफिस खोले और आगे आईडी बेचने लगे। कंपनी के झांसे में कालेजों के छात्र, महिलाएं सहित अन्य लोग शामिल है।
विशाल ने 12 लाख से खरीदे 500 आईडी
ऊना निवासी विशाल ने बताया कि उसने कंपनी से 12 लाख में 500 आईडी ले रखी हैं। उन्हें सुबह ही कंपनी के काम बंद करने की सूचना मिली। छात्रा अनु ने बताया ने कि उसने 6 हजार रुपये और सन्नी ने कंपनी में 24 हजार रुपये लगाए हैं।
बख्शो देवी ने 30 हजार में फ्रेंचाइजी ले रखी है। उसने करीब 1000 हजार लोगों की आईडी बनाई थी। इसकी पेमेंट कंपनी को दे रखी है। 10 लोगों को पैसे वापस आने शुरू हुए थे। बख्शो ने बताया एक दिन पहले ही उसने पांच लाख रुपये जमा करवाए हैं। आकाश ने 16 आईडी ले रखी थीं।