प्रो. आरएस चौहान होंगे एचपीयू के कार्यवाहक कुलपति, वाजपेयी की विदाई
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी का कार्यकाल बुधवार को समाप्त हो गया। अब प्रति कुलपति प्रो. राजिंद्र चौहान को कार्यवाहक कुलपति का जिम्मा सौंपा गया है। इस संबंध में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने आदेश जारी किए हैं। इससे प्रो. वाजपेयी को सेवा विस्तार मिलने की अटकलों को भी विराम लग गया है।
बुधवार को राजभवन से जारी आदेश तुरंत प्रभाव से लागू होंगे। कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी पदभार मुक्त हो गए हैं। प्रो. राजिंद्र सिंह चौहान वीरवार को कुलपति पद की जिम्मेदारी संभाल लेंगे। विश्वविद्यालय में प्रो. एडीएन वाजपेयी ने छह साल तक कुलपति पद पर सेवाएं दीं।
उन्होंने बुधवार को अपने कार्यकाल की विवि कार्यकारी परिषद की अंतिम बैठक की अध्यक्षता की। उनके कार्यालय में बधाई देने वालों और मिलने वालों की भीड़ लगी रही। प्रति कुलपति को भी आदेश मिलने के बाद कर्मचारी और अधिकारी बधाई देने के लिए उमड़ पड़े। इनमेें कर्मचारी, अधिकारी संघों के नेता और अधिकारी शामिल थे।
शांति, अकादमिक माहौल बनाने का रहेगा प्रयास: प्रो. राजिंद्र सिंह चौहान
विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो. राजिंद्र सिंह चौहान ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि विवि का शैक्षणिक और अकादमिक माहौल बेहतर हो। विवि में शांतिपूर्ण माहौल बनाया जाएगा। चौहान ने कहा कि वह 1970 के दशक में विवि आए थे।
1981 में विवि में बतौर शिक्षक उनकी तैनाती हुई और 2011 तक यहां शिक्षण कार्य किया। उसके बाद प्रति कुलपति के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह विश्वविद्यालय को नजदीक से जानते हैं। छात्र को छात्र ही मानते हैं, उसे किसी विचारधारा से जोड़ कर नहीं देखते।
उनका प्रयास रहेगा कि विवि में शांति और शैक्षणिक माहौल और बेहतर किया जा सके। प्रो. चौहान ने कहा कि विवि के विकास और छात्र समुदाय की बेहतरी के लिए मिलकर कार्य करने किया जाएगा। उन्होंने नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री और राज्यपाल का आभार जताया।
2011 में प्रो. वाजपेयी ने संभाला था कुलपति का पद
विवि के कुलपति के रूप में प्रो. एडीएन वाजपेयी ने 25 मई 2011 को पदभार संभाला था। इसके बाद मई 2014 में उन्हें छह माह सेवा विस्तार मिलने के कुछ दिनों बाद उन्हें तीन साल का अतिरिक्त कार्यकाल दिया गया। प्रो. वाजपेयी का दूसरा कार्यकाल 24 मई 2017 को समाप्त हो गया।