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एक दर्जन से ज्यादा निजी अस्पतालों में अब इलाज नहीं करवा सकेंगे कर्मचारी, पेंशनर

Fri, 19 Jul 2019 01:03 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Fri, 19 Jul 2019 01:03 PM IST
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private hospitals Empanelment time limit finished in himachal pradesh
फाइल फोटो

हिमाचल के डेढ़ दर्जन निजी अस्पताल का इंपेनलमेंट खत्म हो गया है। अब इन अस्पतालों में प्रदेश के सरकारी कर्मचारी, पेंशनर और मृतक के आश्रित इलाज के पैसे का भुगतान नहीं होगा। स्वास्थ्य सुरक्षा विनियमन निदेशालय ने प्रदेश के 90 अस्पतालों की इंपेनलमेंट की है। जहां पर सरकारी कर्मचारी अपना इलाज करा सकते थे।

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इसमें 41 अस्पताल ऐसे है जिनके इंपेनलमेंट खत्म हुए अभी दो से ढाई महीने हो गए हैं निदेशालय ने इन्हें तीन महीने के भीतर अपना इंपेनलमेंट करने को कहा है जबकि 14 अस्पताल ऐसे है जिनको तीन महीने से ज्यादा समय हो गया है। अब यह अस्पताल स्वास्थ्य विभाग के इंपेनलमेंट की सूची से बाहर गए हैं। मरीजों को बीमारियों की इलाज कराने के लिए बड़े अस्पतालों में न आना पड़े।

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इसके चलते प्रदेश सरकार ने जिलों में निजी अस्पतालों को इंपेनलमेंट किया था। इन अस्पतालों में सरकारी कर्मचारी, पेंशनर और मृतक के आश्रित अपना इलाज कराकर मेडिकल बिल संबंधित विभाग को भेज देते थे। विभाग की ओर से कर्मचारियों के लिए पैसे का भुगतान किया जाता था। लेकिन अस्पताल प्रशासन ने अस्पतालों की इंपेनलमेंट कराने की जहमद नहीं उठाई।

ऐसे में सरकार ने उन्हें सूची से हटाने का फैसला लिया है। इसमें हमीरपुर के दो निजी अस्पताल, जिला शिमला रामपुर का निजी अस्पताल, मंडी के 2 अस्पताल, कांगड़ा के 3 निजी अस्पताल, शिमला और 3 सोलन शामिल है। इसके अलावा 10 ऐसे अस्पताल है जिनकी सप्ताह के  भीतर इंपेनलमेंट खत्म होनी है। 

इंपेनलमेंट निजी अस्पतालों की सूची जारी की गई है। निमयों के मुताबिक अस्पतालों की इंपेनलमेंट के लिए 3 महीने का समय दिया जाता है। जिन अस्पतालों की इंपेनलमेंट तीन महीने से ज्यादा हो गई है। वह सूची से बाहर हो जाएंगे। 
- डा. एनके लट्ठ, निदेशक, स्वास्थ्य सुरक्षा विनियमन निदेशालय

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